Choghadiya Today Vadodara Tuesday, 2 June 2026, का दिन शुरू हो चुका है, और सुबह उठते ही बहुत से लोगों के मन में एक ही सवाल रहता है।
कौन-सा समय किसी नए काम के लिए ठीक रहेगा?
वडोदरा और गुजरात के कई हिस्सों में चौघड़िया देखने की आदत पीढ़ियों से चली आ रही है।
दुकान का मुहूर्त हो, यात्रा हो, या कोई जरूरी फोन, लोग पहले समय देख लेते हैं।
यहाँ मैंने आज दिन और रात दोनों के चौघड़िया, राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड का समय एक ही जगह रखा है।
साथ में यह भी समझाया है कि इनका मतलब क्या होता है और इन्हें व्यवहार में कैसे काम में लाया जा सकता है।
एक बात पहले ही साफ कर दूँ। ये समय परंपरा और पंचांग की गणना पर आधारित हैं।
और शहर के हिसाब से थोड़े आगे-पीछे होते रहते हैं।
वडोदरा में आज सूर्योदय और सूर्यास्त
चौघड़िया की गणना सीधे सूर्योदय और सूर्यास्त के समय पर टिकी होती है।
वडोदरा के लिए 2 जून 2026 का सूर्योदय और सूर्यास्त समय नीचे दिया गया है।
| विवरण | समय |
|---|---|
| सूर्योदय | 05:53 AM वडोदरा, गुजरात |
| सूर्यास्त | 07:15 PM वडोदरा, गुजरात |
| अभिजीत मुहूर्त | 11:51 AM – 12:46 PM |
सूर्योदय से सूर्यास्त तक के कुल समय को 8 बराबर हिस्सों में बाँटा जाता है।
हर हिस्सा एक चौघड़िया होता है, और हर चौघड़िया लगभग 90 मिनट का होता है।
रात के चौघड़िया भी इसी तरह सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक बाँटे जाते हैं।
आज का दिन और रात का चौघड़िया, वडोदरा, 2 जून 2026
दिन का चौघड़िया
| चौघड़िया | समय |
|---|---|
| रोग | 05:53 AM – 07:23 AM |
| उद्वेग | 07:23 AM – 08:53 AM |
| चर | 08:53 AM – 10:23 AM |
| लाभ | 10:23 AM – 11:53 AM |
| अमृत | 11:53 AM – 01:23 PM |
| काल | 01:23 PM – 02:53 PM |
| शुभ | 02:53 PM – 04:23 PM |
| रोग | 04:23 PM – 05:53 PM |
रात का चौघड़िया
| चौघड़िया | समय |
|---|---|
| चर | 07:15 PM – 08:45 PM |
| रोग | 08:45 PM – 10:15 PM |
| काल | 10:15 PM – 11:45 PM |
| लाभ | 11:45 PM – 01:15 AM |
| उद्वेग | 01:15 AM – 02:45 AM |
| शुभ | 02:45 AM – 04:15 AM |
| अमृत | 04:15 AM – 05:45 AM |
| चर | 05:45 AM – 05:53 AM |
मंगलवार को पहला चौघड़िया "रोग" से शुरू होता है, यह परंपरागत पंचांग गणना के अनुसार है।
इसीलिए सुबह के पहले डेढ़ घंटे में कई लोग इस समय नए शुभ कार्य की शुरुआत से बचने को उपयुक्त मानते हैं।
अमृत और शुभ चौघड़िया को आज के दिन पारंपरिक रूप से अनुकूल माना जाता है।
राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल, वडोदरा, 2 जून 2026
| समय | 03:29 PM – 05:07 PM |
| वार | मंगलवार |
| सलाह | नए कार्य शुरू करने से बचने की पारंपरिक सलाह दी जाती है |
| समय | 09:09 AM – 10:47 AM |
| वार | मंगलवार |
| सलाह | महत्त्वपूर्ण कार्यों के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है |
| समय | 12:25 PM – 02:03 PM |
| वार | मंगलवार |
| सलाह | नए शुभ कार्यों की शुरुआत से बचने की पारंपरिक सलाह दी जाती है |
| समय | 11:51 AM – 12:46 PM |
| वार | मंगलवार |
| सलाह | कई लोग इस समय को शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त मानते हैं |
राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल तीनों को परंपरागत रूप से कम अनुकूल माना जाता है।
इन समयों में नए व्यापार, विवाह वार्ता, यात्रा शुरुआत या किसी बड़े निर्णय से बचने की सलाह दी जाती है।
हालाँकि यह पूरी तरह व्यक्तिगत आस्था और परिवार की परंपरा पर निर्भर करता है।
चौघड़िया का अर्थ क्या होता है
चौघड़िया शब्द दो हिस्सों से बना है, "चौ" यानी चार और "घड़िया" यानी घड़ी।
पुराने समय में एक घड़ी 24 मिनट की होती थी, और चार घड़ियाँ यानी लगभग 96 मिनट।
आज इसे डेढ़ घंटे के करीब माना जाता है, लेकिन सटीक समय सूर्योदय और सूर्यास्त के हिसाब से बदलता है।
पंचांग की यह पुरानी प्रणाली गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश में काफी प्रचलित है।
वडोदरा जैसे शहरों में आज भी कई लोग दैनिक गतिविधियों की योजना बनाते समय इसे देखते हैं।
सात चौघड़िया और उनका मतलब
चौघड़िया कुल सात प्रकार के होते हैं। हर एक का अपना स्वभाव और परंपरागत महत्व है।
नीचे सातों की संक्षिप्त जानकारी दी गई है।
| चौघड़िया | स्वामी ग्रह | स्वभाव | उपयुक्त कार्य |
|---|---|---|---|
| अमृत | चंद्रमा | सभी शुभ कार्य | |
| शुभ | गुरु | शुभ | विवाह, व्यापार, पूजा |
| लाभ | बुध | शुभ | व्यापार, खरीद-बिक्री |
| चर | शुक्र | सामान्य शुभ | यात्रा, वाहन |
| उद्वेग | सूर्य | कम अनुकूल | सरकारी काम संभव |
| काल | शनि | अशुभ | साहसिक काम कभी-कभी |
| रोग | मंगल | अशुभ | कोई नया काम नहीं |
यह जानकारी परंपरागत पंचांग मान्यताओं पर आधारित है।
हर परिवार और हर क्षेत्र में इनका उपयोग थोड़ा अलग तरीके से होता है।
मंगलवार को चौघड़िया क्यों अलग होता है
हर वार का पहला चौघड़िया उस वार के स्वामी ग्रह से तय होता है।
मंगलवार के स्वामी मंगल हैं, और मंगल का चौघड़िया "रोग" है।
इसीलिए मंगलवार सुबह का पहला चौघड़िया रोग से शुरू होता है।
इसका मतलब यह नहीं किपूरा दिन कम अनुकूल है, बल्कि बाकी समय में अनुकूल चौघड़िया आते हैं।
आज अमृत और शुभ दोनों चौघड़िया दिन और रात में मिल रहे हैं।
आज के शुभ समय में क्या किया जा सकता है
लोग चौघड़िया को जीवन के कई छोटे-बड़े फैसलों में देखते हैं।
यहाँ कुछ सामान्य उदाहरण हैं जो परंपरागत रूप से प्रचलित हैं।
- नई दुकान या व्यापार शुरू करना
- वाहन खरीदना या पहली बार चलाना
- घर से लंबी यात्रा पर निकलना
- किसी से पहली बार व्यापारिक बात करना
- बैंक का काम, लोन आवेदन, या महत्त्वपूर्ण निर्णय लेना
- विवाह संबंधित बात या मुलाकात तय करना
- नया मकान या फ्लैट लेने की प्रक्रिया शुरू करना
- गृह प्रवेश या नए कमरे में पहली बार जाना
इनमें से हर काम के लिए अमृत या शुभ चौघड़िया को परंपरागत रूप से उपयुक्त माना जाता है।
चर चौघड़िया यात्रा के लिए कई लोग पसंद करते हैं, क्योंकि इसका स्वामी शुक्र है और यह गतिशीलता का प्रतीक माना जाता है।
राहुकाल में कौन-से काम संभव हैं
राहुकाल में शुभ कार्य न करने की सलाह दी जाती है, यह व्यापक मान्यता है।
लेकिन कुछ काम इस समय में भी किए जा सकते हैं।
- घर का साफ-सफाई का काम
- रोजमर्रा की खरीदारी, जैसे किराना या सब्जी
- पुराने दस्तावेज देखना या फाइल व्यवस्थित करना
- पढ़ाई, किताब पढ़ना, या नोट्स बनाना
- व्यायाम या योग करना
राहुकाल में नया काम शुरू न करने की बात है, लेकिन चल रहे काम बंद नहीं होते।
यह भी पूरी तरह व्यक्तिगत आस्था पर निर्भर है।
अभिजीत मुहूर्त क्यों खास माना जाता है
अभिजीत मुहूर्त दिन के ठीक मध्य में आता है।
कई मान्यताओं के अनुसार यह दिन का काफी अनुकूल समय होता है, खासकर जब कोई और शुभ चौघड़िया उपलब्ध न हो।
आज वडोदरा में यह 11:51 AM से 12:46 PM के बीच है।
बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं माना जाता, लेकिन मंगलवार को यह पूरी तरह मान्य है।
अगर सुबह कोई काम नहीं हो पाया, तो इस समय का उपयोग किया जा सकता है।
गुलिक काल और यमगंड में क्या अंतर है
दोनों को परंपरागत रूप से अशुभ माना जाता है, लेकिन इनका स्वभाव थोड़ा अलग बताया जाता है।
यमगंड को यम से जोड़ा जाता है और इसे बड़े निर्णयों के लिएकई लोग इसे बड़े निर्णयों के लिए कम अनुकूल मानते हैं।
गुलिक काल शनि से संबंधित है और इसमें भी शुभ आरंभ से बचने की सलाह दी जाती है।
आज यमगंड सुबह 9:09 से 10:47 के बीच है और गुलिक काल दोपहर 12:25 से 2:03 के बीच है।
इन दोनों के बीच का समय, यानी सुबह 10:47 से 12:25 तक, लाभ और अमृत में आता है और अपेक्षाकृत उपयुक्त माना जाता है।
पंचांग कहाँ से देखें, एक भरोसेमंद स्रोत
वडोदरा के लिए दैनिक पंचांग जानकारी देखने के लिए Drik Panchang एक लोकप्रिय पंचांग संदर्भ स्रोत है।यहाँ शहर और तारीख के हिसाब से चौघड़िया, राहुकाल और तमाम जानकारी उपलब्ध रहती है।
Time and Date पर वडोदरा के सूर्योदय और सूर्यास्त का सूर्योदय और सूर्यास्त की जानकारीभी देखा जा सकता है।FAQ, आज के चौघड़िया से जुड़े सामान्य सवाल
वडोदरा में आज राहुकाल कितने बजे से है?
मंगलवार, 2 जून 2026 को वडोदरा में राहुकाल दोपहर 03:29 बजे से शाम 05:07 बजे तक रहेगा। इस दौरान नए शुभ कार्य न करने की परंपरागत सलाह दी जाती है।
आज कौन-सा चौघड़िया सबसे शुभ माना जाता है?
आज अमृत चौघड़िया, जो दिन में 11:53 AM से 01:23 PM तक है, को परंपरागत रूप से काफी अनुकूल माना जाता है। रात में अमृत 04:15 AM से 05:45 AM तक आता है।
चर चौघड़िया में यात्रा करना कैसा माना जाता है?
चर चौघड़िया का स्वामी शुक्र है और इसे यात्रा के लिए परंपरागत रूप से उपयुक्त माना जाता है। आज यह सुबह 08:53 AM से 10:23 AM तक है।
क्या राहुकाल में कोई भी काम बिल्कुल नहीं होना चाहिए?
नहीं, राहुकाल में रोजमर्रा के काम जैसे पढ़ाई, सफाई, व्यायाम किए जा सकते हैं। केवल नए शुभ कार्यों की शुरुआत से बचने की परंपरागत मान्यता है।
अभिजीत मुहूर्त और शुभ चौघड़िया में क्या अंतर है?
दोनों को परंपरागत रूप से शुभ माना जाता है। अभिजीत मुहूर्त दिन में एक बार आता है, जबकि शुभ चौघड़िया समय के अनुसार बदलता रहता है।
अंत में एक जरूरी बात:
यह लेख पारंपरिक पंचांग मान्यताओं और सांस्कृतिक परंपराओं पर आधारित है।
यहाँ दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है।
चौघड़िया, राहुकाल और मुहूर्त से जुड़े समय वडोदरा के सूर्योदय-सूर्यास्त पर आधारित हैं और विश्वसनीय पंचांग स्रोतों से लिए गए हैं।
मुहूर्त और चौघड़िया से जुड़े विचार विभिन्न परंपराओं, परिवारों और क्षेत्रों में अलग-अलग हो सकते हैं।
किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय के लिए अपने परिवार के विद्वान, ज्योतिषी, या स्थानीय पंचांग से भी सलाह लें।
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