Budhwar Ka Choghadiya बुधवार का शुभ समय कैसे देखें?

Budhwar Ka Choghadiya बुधवार का शुभ समय कैसे देखें?
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प्रस्तावना, बुधवार को कोई भी जरूरी काम शुरू करना हो, जैसे नया व्यापार, बच्चे का नामकरण, या घर की नींव रखना, तो सबसे पहले मन में एक सवाल आता है। सही समय क्या रहेगा?

यही वह जगह है जहाँ बुधवार का चोघड़िया काम आता है।

चोघड़िया एक प्राचीन भारतीय समय-गणना पद्धति है। यह दिन और रात को 8-8 भागों में बाँटती है, और हर भाग को एक ग्रह का स्वामित्व मिलता है। कुछ भाग शुभ होते हैं, कुछ अशुभ।

सीधी बात: सही चोघड़िया चुनना मतलब अपने काम को सकारात्मक सोच और तैयारी के साथ शुरू करना।

चोघड़िया क्या होता है?

"चोघड़िया" शब्द दो भागों से बना है। "चो" यानी चार, और "घड़िया" यानी घड़ी। मतलब हर चोघड़िया लगभग डेढ़ घंटे (4 पल = 96 मिनट) का होता है।

पुराने समय में जब पंचांग नहीं था, तब किसान, व्यापारी, और राजा सभी चोघड़िया देखकर काम शुरू करते थे।  आज भी कई लोग इसका उपयोग करते हैं ।

दिन में 8 चोघड़िया होते हैं, रात में 8। कुल 16 भाग। हर भाग को पारंपरिक रूप से एक ग्रह से जोड़ा जाता है।

बुधवार का चोघड़िया क्यों अलग है?

बुधवार का स्वामी बुध ग्रह है। बुध बुद्धि, व्यापार, संचार, और विद्या का कारक है।

इसीलिए बुधवार को शुरू किए गए काम, खासकर जो पढ़ाई, लेखन, व्यापार, या संचार से जुड़े हों, उनमें  काफी शुभ माना जाता है।

पर शर्त यह है कि सही चोघड़िया में काम शुरू हो। बुधवार होना काफी नहीं, समय भी सटीक चाहिए।

चोघड़िया के 8 प्रकार और उनका फल

हर चोघड़िया का एक नाम और एक परिणाम होता है। इन्हें जानना जरूरी है, वरना गलत समय पर काम शुरू हो सकता है।

चोघड़िया का नामग्रह स्वामीफल
अमृतचंद्रमासर्वोत्तम शुभ
शुभशुक्रशुभ, विशेषकर विवाह के लिए
लाभबुधव्यापार और लाभ के लिए उत्तम
चरशनियात्रा के लिए ठीक
रोगमंगलअशुभ, बचें
कालशनिअत्यंत अशुभ
चलबृहस्पतिसाधारण, ज्यादा शुभ नहीं
उद्वेगसूर्यअशुभ

शुभ चोघड़िया: अमृत, शुभ, लाभ। इन तीनों में काम शुरू करना सबसे अच्छा माना जाता है।

बुधवार का दिन चोघड़िया (सामान्य समय सारणी)

नीचे दी गई सारणी एक सामान्य सूर्योदय (सुबह 6:00 बजे) के आधार पर बनाई गई है। आपके शहर में सूर्योदय अलग हो सकता है, इसलिए इसे आधार मानें।

 बुधवार का दिन और रात चोघड़िया
दिन का चोघड़िया
बुध (लाभ)
06:00 – 07:30
केतु (उद्वेग)
07:30 – 09:00
शुक्र (शुभ)
09:00 – 10:30
सूर्य (चर)
10:30 – 12:00
चंद्र (अमृत)
12:00 – 13:30
शनि (काल)
13:30 – 15:00
मंगल (रोग)
15:00 – 16:30
गुरु (लाभ)
16:30 – 18:00
रात का चोघड़िया
शनि (चर)
18:00 – 19:30
बुध (रोग)
19:30 – 21:00
केतु (लाभ)
21:00 – 22:30
शुक्र (अमृत)
22:30 – 00:00
सूर्य (चर)
00:00 – 01:30
चंद्र (शुभ)
01:30 – 03:00
शनि (काल)
03:00 – 04:30
मंगल (उद्वेग)
04:30 – 06:00 


बुधवार के शुभ चोघड़िया में कौन से काम करें?

बुधवार का पहला चोघड़िया "लाभ" है। यह बुध ग्रह का अपना दिन है, और पहला घंटा भी उसी का। मतलब सुबह 6 बजे से 7:30 बजे के बीच व्यापार से जुड़ा कोई भी काम शुरू करना बहुत अच्छा रहेगा।

दोपहर 12 से 1:30 बजे का "अमृत" चोघड़िया  काफी शुभ माना जाता है । यह किसी भी दिन के सबसे शुभ समयों में से एक है।

इन कामों के लिए बुधवार का शुभ चोघड़िया सबसे उपयुक्त है:

  • नया व्यापार या दुकान शुरू करना
  • बैंक खाता खोलना या बड़ा निवेश करना
  • विद्यारंभ संस्कार (बच्चे की पढ़ाई शुरू करना)
  • अनुबंध या दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करना
  • यात्रा शुरू करना (चर चोघड़िया में)
  • नए मकान में प्रवेश करना

बुधवार के किस समय से बचें

बुधवार के किस समय से बचें

रोग, काल, और उद्वेग ये तीन चोघड़िया किसी भी दिन अशुभ माने जाते हैं।

बुधवार को दोपहर 1:30 से 3:00 बजे "काल" चोघड़िया रहता है। यह समय खासकर आर्थिक फैसलों के लिए अच्छा नहीं है।

शाम 3 से 4:30 बजे "रोग" चोघड़िया में नई चिकित्सा शुरू करना, ऑपरेशन करवाना, या कोई नई साझेदारी करना ज्योतिष की दृष्टि से ठीक नहीं माना जाता।

चोघड़िया कैसे खुद से निकालें?

यह तरीका समझ लें, तो किसी ऐप या वेबसाइट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

दिन का पहला चोघड़िया हमेशा उस दिन के वार-स्वामी ग्रह से शुरू होता है।

बुधवार का स्वामी बुध है, तो पहला चोघड़िया "बुध" से शुरू होगा जिसे "लाभ" कहते हैं।

उसके बाद यह क्रम चलता है: बुध, केतु, शुक्र, सूर्य, चंद्र, मंगल, शनि, गुरु।

हर चोघड़िया की अवधि निकालना आसान है:

  1. अपने शहर का सूर्योदय और सूर्यास्त देखें।
  2. दोनों के बीच का समय 8 से भाग दें।
  3. जो आंकड़ा मिले, वह एक चोघड़िया की अवधि है।

उदाहरण के लिए, सूर्योदय 6:00 और सूर्यास्त 18:30 हो तो कुल 12.5 घंटे। इसे 8 से भाग दें, तो हर चोघड़िया 93 मिनट का होगा।

सटीक स्थानीय पंचांग के लिए  Drik Panchang  जैसी विश्वसनीय वेबसाइट देख सकते हैं। वहाँ शहर और तारीख के हिसाब से सटीक चोघड़िया मिलता है।

रात का चोघड़िया कब और कैसे देखें?

रात के चोघड़िया की गणना सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक होती है। रात के 8 भाग।

रात का पहला चोघड़िया दिन के 5वें चोघड़िया वाले ग्रह से शुरू होता है। यह थोड़ा पेचीदा लग सकता है, तो सीधे पंचांग देखना ज्यादा व्यावहारिक रहता है।

रात के चोघड़िया में "अमृत" और "शुभ" समय विशेष रूप से उपयोगी होते हैं। अगर कोई यात्रा रात को शुरू करनी हो, या रात में कोई धार्मिक अनुष्ठान करना हो, तो रात का चोघड़िया जरूर देखें।

चोघड़िया और राहुकाल में क्या फर्क है?

चोघड़िया और राहुकाल में क्या फर्क है?

यह सवाल बहुत लोग पूछते हैं। दोनों अलग-अलग अवधारणाएँ हैं।

राहुकाल हर दिन का एक अशुभ डेढ़ घंटे का समय होता है जो राहु ग्रह से जुड़ा है। बुधवार को राहुकाल दोपहर 12 से 1:30 बजे के बीच माना जाता है।

चोघड़िया एक पूरा दिन-रात का ढाँचा है जो 8-8 भागों में बँटा है।

दोनों को साथ देखना सबसे अच्छा है। जिस समय चोघड़िया शुभ हो और राहुकाल भी न हो, वह समय सबसे उपयुक्त माना जाता है।

भारतीय पंचांग पद्धति की विस्तृत जानकारी  Wikipedia के पंचांग पृष्ठ   पर भी देख सकते हैं।

बुधवार के शुभ चोघड़िया का व्यावहारिक उपयोग

मेरे एक परिचित हैं जो हर बड़े फैसले से पहले चोघड़िया देखते हैं। उन्होंने 2022 में एक बुधवार सुबह 9 बजे अपनी दुकान का उद्घाटन किया। "शुभ" चोघड़िया था। दुकान आज अच्छी चल रही है।

अब यह चोघड़िया की वजह से हुआ या मेहनत की वजह से, यह बहस अलग है। पर सही समय का मनोवैज्ञानिक असर भी होता है। जब आप यह जानकर काम शुरू करते हैं कि "यह समय अनुकूल है", तो आत्मविश्वास बढ़ता है।

यह शायद ज्योतिष का सबसे बड़ा व्यावहारिक फायदा है।

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चोघड़िया को पंचांग से कैसे जोड़ें?

अकेले चोघड़िया देखना पर्याप्त है, पर अगर पंचांग के बाकी तत्व भी अनुकूल हों तो और बेहतर।

पंचांग के पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग, और करण।

बुधवार को अगर शुभ चोघड़िया के साथ-साथ शुभ नक्षत्र भी हो (जैसे रोहिणी, पुनर्वसु, पुष्य, या हस्त), तो वह मुहूर्त और भी अनुकूल माना जाता है।

हर मुहूर्त में सब कुछ एकदम परफेक्ट नहीं होता। पर चोघड़िया एक सरल और  उपयोगी शुरुआती तरीका है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बुधवार का सबसे शुभ चोघड़िया कौन सा है?

बुधवार का पहला चोघड़िया "लाभ" और दोपहर का "अमृत" सबसे शुभ माने जाते हैं। सुबह 6 से 7:30 और दोपहर 12 से 1:30 बजे के बीच कोई भी महत्वपूर्ण काम शुरू किया जा सकता है।

क्या हर बुधवार का चोघड़िया एक जैसा होता है?

नहीं। चोघड़िया का समय आपके शहर के सूर्योदय और सूर्यास्त पर निर्भर करता है। सर्दियों में सूर्योदय देर से होता है, इसलिए समय बदल जाता है। हर बुधवार के लिए स्थानीय पंचांग देखना जरूरी है।

क्या रात में भी शुभ चोघड़िया काम करता है?

हाँ, बिल्कुल। रात का अमृत और शुभ चौघड़िया  काफी उपयोगी माना जाता है । रात की यात्रा, धार्मिक पाठ, या कोई जरूरी संवाद इस समय में किया जा सकता है।

राहुकाल और चोघड़िया में कौन ज्यादा महत्वपूर्ण है?

दोनों अलग-अलग उद्देश्यों के लिए हैं। राहुकाल हर दिन का एक निश्चित अशुभ काल है, जिससे बचना चाहिए। चोघड़िया एक पूरा ढाँचा है जो शुभ-अशुभ दोनों समय दिखाता है। दोनों को मिलाकर देखने पर ज्यादा स्पष्टता मिलती है।

क्या बच्चों के नामकरण के लिए बुधवार का चोघड़िया उचित है?

बुध ग्रह बुद्धि और संचार का कारक है, तो बुधवार को नामकरण शुभ माना जाता है। इसमें "अमृत" या "शुभ" चोघड़िया चुनें और स्थानीय पंडित से भी सलाह लें।

अंत में

बुधवार का चोघड़िया देखना मुश्किल नहीं है। बस सूर्योदय जानें, दिन का वार-स्वामी पहचानें, और क्रम के हिसाब से चलते जाएँ।

पर अगर गणना से ज्यादा सटीकता चाहिए, तो किसी भरोसेमंद पंचांग वेबसाइट या स्थानीय पंडित से ले लें। यह समय 5 मिनट में मिल जाता है।

और सबसे जरूरी बात: चोघड़िया एक दिशा है, मेहनत की जगह नहीं लेता। सही समय में काम शुरू करो, फिर पूरे दिल से करो।

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Shiv Kumar Pandit

Shiv Kumar Pandit

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मैं, शिव कुमार पंडित, इस प्लेटफ़ॉर्म का Co-Founder और वरिष्ठ कंटेंट रिसर्चर हूं। मुझे भारतीय संस्कृति, शुभ मुहूर्त, चोघड़िया, पंचांग और पारंपरिक ज्ञान से जुड़े विषयों पर रिसर्च करना और सरल भाषा में जानकारी साझा करना पसंद है, ताकि हर पाठक आसानी से सही जानकारी समझ सके।

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