बुधवार का दिन और अहमदाबाद की भागदौड़ भरी सुबह। कोई नया काम शुरू करना हो, किसी से मिलने जाना हो, या कोई जरूरी खरीदारी करनी हो तो बहुत से लोग पहले यही देखते हैं कि आज का चौघड़िया क्या है।
यह परंपरा सदियों पुरानी है और गुजरात में खास तौर पर इसका चलन काफी प्रचलित है ।
तो आज 20 मई 2026, बुधवार को अहमदाबाद के लिए पूरा चौघड़िया, राहुकाल, और शुभ मुहूर्त यहाँ देख सकते हैं।
अहमदाबाद में 20 मई 2026 का सूर्योदय और सूर्यास्त
चौघड़िया हमेशा सूर्योदय से शुरू होता है। इसलिए पहले यह जानना जरूरी है कि अहमदाबाद में आज सूर्य कितने बजे उगेगा और कितने बजे डूबेगा।
20 मई 2026 को अहमदाबाद में अनुमानित सूर्योदय सुबह 6:00 बजे और सूर्यास्त शाम 7:22 बजे के आसपास रहने की संभावना है।
मई के महीने में दिन लंबा होता है और अहमदाबाद का अक्षांश करीब 23.03 डिग्री उत्तर है, इसलिए यह समय उस हिसाब से तय होता है।
दिन की कुल अवधि करीब 13 घंटे 22 मिनट रहती है। इसे 8 बराबर हिस्सों में बाँटकर दिन का चौघड़िया निकाला जाता है। हर एक हिस्सा लगभग 1 घंटा 40 मिनट का होता है।
बुधवार को चौघड़िया का क्रम कैसे तय होता है
हर वार (दिन) का पहला चौघड़िया उस दिन के स्वामी ग्रह से जुड़ा होता है। बुधवार का स्वामी बुध ग्रह है।
पारंपरिक मान्यता के अनुसार बुधवार को दिन का पहला चौघड़िया लाभ से शुरू होता है।
यह क्रम एक तय प्रणाली पर चलता है जो पंचांग में सदियों से दर्ज है। ग्रहों का क्रम: शनि, बृहस्पति, मंगल, सूर्य, शुक्र, बुध, चंद्र। इसी के आधार पर हर चौघड़िया का नाम और उसका फल तय होते हैं।
आज का दिन चौघड़िया 20 मई 2026, बुधवार, अहमदाबाद
आज का रात चौघड़िया — 20 मई 2026, अहमदाबाद
रात का चौघड़िया सूर्यास्त के बाद शुरू होता है और अगले सूर्योदय तक चलता है। रात को भी 8 हिस्से होते हैं।
अहमदाबाद में आज राहुकाल का समय
राहुकाल वह समय है जब पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार नया काम शुरू करना ठीक नहीं माना जाता। बुधवार को राहुकाल दोपहर में पड़ता है।
राहुकाल के दौरान यात्रा, नए अनुबंध, या कोई महत्वपूर्ण काम शुरू करने से बहुत से लोग बचते हैं। यह व्यक्तिगत आस्था पर निर्भर करता है।
आज का अभिजित मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त को पंचांग में सबसे शुभ और पारंपरिक रूप से शुभ माना जाने वाला मुहूर्त माना जाता है। दोपहर में सूर्य जब ठीक आकाश के मध्य में होता है, उस समय को अभिजित मुहूर्त कहते हैं।
20 मई 2026, अहमदाबाद में अभिजित मुहूर्त का समय अनुमानित रूप से दोपहर 11:54 बजे से 12:47 बजे के बीच रह सकता है।
इस दौरान कोई भी शुभ कार्य शुरू किया जा सकता है।
बुधवार को यह मुहूर्त कई लोग इसे अधिक अनुकूल मानते हैं, क्योंकि बुध ग्रह बुद्धि और व्यापार से जुड़ा है।
हालांकि राहुकाल से बचना जरूरी है। अभिजित मुहूर्त और राहुकाल का समय थोड़ा ओवरलैप हो सकता है, इसलिए उस दिन का पंचांग ध्यान से देखना बेहतर रहता है।
चौघड़िया के 8 प्रकार और उनका मतलब
बहुत लोग चौघड़िया के नाम तो जानते हैं, लेकिन हर नाम का मतलब और उसका उपयोग कम ही पता होता है।
बुधवार को कौन से काम करना ठीक माना जाता है
बुधवार का स्वामी बुध ग्रह है और बुध को बुद्धि, व्यापार, लेखन और संचार का कारक माना जाता है। इसलिए बुधवार को कई पारंपरिक मान्यताओं में नीचे लिखे कामों के लिए उपयुक्त समझा जाता है।
व्यापारिक बातचीत और सौदे। बुधवार को दुकान खोलना, नई साझेदारी की बात करना, या किसी से व्यापारिक बैठक रखना काफी प्रचलित है। खासतौर पर अहमदाबाद के व्यापारी वर्ग में यह देखा जाता है।
लेखन और पढ़ाई से जुड़े काम। नई किताब शुरू करना, परीक्षा की तैयारी, या कोई अनुबंध पत्र लिखना। बुध ग्रह की यह विशेषता मानी जाती है।
यात्रा। छोटी यात्राएं, खासकर व्यापार के लिए, बुधवार को कई लोग शुरू करते हैं। चर चौघड़िया के दौरान यह और अच्छा माना जाता है।
हालांकि इन्हें पूरी तरह तय नियमों को नहीं समझना चाहिए। ये परंपरागत मान्यताएं हैं जो पीढ़ियों से चली आई हैं।
अहमदाबाद के लिए पंचांग की विशेषता
अहमदाबाद गुजरात राज्य की आर्थिक राजधानी है और यहाँ का भौगोलिक स्थान पंचांग गणना पर असर डालता है। अहमदाबाद का अक्षांश 23°01' उत्तर और देशांतर 72°35' पूर्व है।
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इसका सीधा अर्थ यह है कि दिल्ली, मुंबई या चेन्नई के चौघड़िया का समय अहमदाबाद से अलग होगा।
अगर आप किसी ऐप या वेबसाइट पर चौघड़िया देखते हैं तो हमेशा "अहमदाबाद" या "गुजरात" लोकेशन चुनें।
कई बार लोग दिल्ली का चौघड़िया देखकर अहमदाबाद में उसे लागू कर देते हैं। यह ठीक नहीं है। करीब 15 से 20 मिनट का फर्क आ सकता है।
विश्वसनीय पंचांग जानकारी के लिए drikpanchang.com जैसी साइट उपयोगी रहती है जहाँ शहर के हिसाब से समय मिलता है।
शुभ मुहूर्त देखते समय इन बातों का ध्यान रखें
चौघड़िया एकमात्र जरिया नहीं है मुहूर्त देखने का। पंचांग में पाँच तत्व होते हैं जिन्हें "पंचांग शुद्धि" कहते हैं।
ये हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग, और करण। किसी बड़े काम जैसे विवाह, गृहप्रवेश, या मुंडन के लिए सिर्फ चौघड़िया देखना पर्याप्त नहीं माना जाता।
रोज़मर्रा के कामों जैसे दुकान खोलना, यात्रा, या नई शुरुआत के लिए चौघड़िया काफी व्यावहारिक तरीका है। यह जल्दी देखा जा सकता है और आसानी से समझ में आता है।
और हाँ, अगर कोई जरूरी काम है और शुभ चौघड़िया नहीं है, तो घबराने की जरूरत नहीं। बहुत से लोग और विद्वान मानते हैं कि इरादा और कर्म सबसे बड़े होते हैं।
राहुकाल में क्या करें और क्या नहीं
राहुकाल को लेकर बहुत भ्रम रहता है। कुछ लोग इस समय में कुछ भी नहीं करते, यहाँ तक कि खाना भी नहीं खाते। यह थोड़ा अतिश्योक्ति लगता है।
पारंपरिक मान्यता यह है कि राहुकाल में नया काम शुरू न करें। यानी अगर कोई काम पहले से चल रहा है, तो उसे जारी रखना ठीक माना जाता है।
बुधवार को अहमदाबाद में राहुकाल दोपहर 12:00 से 1:30 बजे के बीच रहता है। इस दौरान अगर आपकी कोई मीटिंग या सौदा पहले से तय है, तो वो आपके विवेक पर है।
अहमदाबाद के व्यापारी और चौघड़िया का रिश्ता
अहमदाबाद एक पुराना व्यापारिक शहर है। यहाँ के कपड़ा बाजार, हीरा उद्योग, और छोटे-बड़े व्यापारी आज भी चौघड़िया देखकर दुकान खोलते हैं। यह उनकी सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा भी माना जाता है, बल्कि उनकी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है।
मणिनगर, रायपुर, या लाल दरवाजा के बाजारों में सुबह जाइए। कई दुकानदार पहले मंदिर जाते हैं, फिर चौघड़िया देखते हैं, फिर शटर खोलते हैं। यह उनकी दिनचर्या है और इसमें एक मानसिक तैयारी भी शामिल है।
अहमदाबाद की संस्कृति और इतिहास के बारे में और जानने के लिए Wikipedia पर अहमदाबाद का पृष् भी देख सकते हैं।
चौघड़िया और ग्रहों का संबंध
हर चौघड़िया एक ग्रह से जुड़ा है। यह सब पारंपरिक ज्योतिष की गणना पर आधारित है।
| चौघड़िया | ग्रह | स्वभाव |
|---|---|---|
| अमृत | चंद्र | शुभ |
| शुभ | शुक्र | शुभ |
| लाभ | बुध | शुभ |
| चर | शनि | सामान्य |
| उद्वेग | सूर्य | कम अनुकूल |
| रोग | मंगल | कम अनुकूल |
| काल | शनि | कम अनुकूल |
बुधवार को बुध ग्रह का प्रभाव अधिक रहता है इसलिए लाभ चौघड़िया और अमृत चौघड़िया और भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
FAQ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या बुधवार को राहुकाल में यात्रा करना ठीक है?
पारंपरिक मान्यता के अनुसार राहुकाल में नई यात्रा शुरू न करना बेहतर माना जाता है। अगर यात्रा पहले से तय है और समय बदलना मुमकिन न हो तो व्यक्तिगत निर्णय ही उचित है। कई लोग इस विषय में अपनी आस्था के अनुसार चलते हैं।
अहमदाबाद और दिल्ली के चौघड़िया में फर्क क्यों होता है?
दोनों शहरों के अक्षांश और देशांतर अलग हैं। चौघड़िया सूर्योदय और सूर्यास्त के समय पर आधारित होता है। अहमदाबाद में सूर्योदय दिल्ली से कुछ मिनट पहले होता है, इसलिए चौघड़िया का समय भी अलग होता है।
क्या चौघड़िया देखना जरूरी है या यह सिर्फ परंपरा है?
यह पूरी तरह व्यक्तिगत आस्था और परंपरा पर निर्भर करता है। कई परिवारों में यह सदियों से चला आ रहा है। कोई इसे मानता है, कोई नहीं। दोनों नज़रियों का अपना-अपना महत्व है।
रोज़ चौघड़िया बदलता है या हफ्ते में एक बार?
चौघड़िया हर दिन बदलता है। वार बदलने से पहला चौघड़िया भी बदल जाता है। इसलिए हर दिन के लिए अलग से देखना जरूरी है। सिर्फ शुक्रवार का चौघड़िया याद करके बुधवार को लागू नहीं किया जा सकता।
अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया में कौन बेहतर है?
दोनों अलग-अलग प्रणालियाँ हैं। अभिजित मुहूर्त को स्वयंसिद्ध माना जाता है, यानी इसे पारंपरिक रूप से विशेष महत्व दिया जाता है। छोटे और रोज़मर्रा के कामों के लिए चौघड़िया और बड़े शुभ कार्यों के लिए विद्वान पंडित से पूरा मुहूर्त निकलवाना बेहतर माना जाता है।
अस्वीकरण: यह लेख पारंपरिक मान्यताओं और सांस्कृतिक जानकारी के आधार पर लिखा गया है। यहाँ दी गई चौघड़िया और मुहूर्त की जानकारी केवल सामान्य शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। सटीक और अद्यतन पंचांग जानकारी के लिए किसी विश्वसनीय पंचांग या ज्योतिष विद्वान से परामर्श लें।
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