Aaj Ka Choghadiya Bikaner Thursday, 28 May 2026 आज का शुभ चौघड़िया समय और राहुकाल

Aaj Ka Choghadiya Bikaner Thursday, 28 May 2026 आज का शुभ चौघड़िया समय और राहुकाल
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गुरुवार का दिन वैसे भी कई लोगों के लिए खास होता है। बृहस्पति का दिन, जिसे परंपरागत रूप से ज्ञान और शुभ कार्यों से जोड़ा जाता है।

और अगर आप बीकानेर में हैं, तो सुबह उठकर पहला सवाल अक्सर यही होता है कि आज कौन सा समय काम शुरू करने के लिए उपयुक्त माना जाता है।

चौघड़िया इसी सवाल का पारंपरिक जवाब है। हर परिवार इसे अपने तरीके से देखता है।

कोई दुकान खोलने से पहले पूछता है, कोई यात्रा से पहले।

कुछ लोग इसे नियमित रूप से देखते हैं, कुछ बस आदत से। पर कई लोग इसे देखना पसंद करते हैं।

तो चलिए, 28 मई 2026 के लिए बीकानेर का पूरा चौघड़िया, राहुकाल और जरूरी जानकारी सीधे और सरल तरीके से देख लेते हैं।

बीकानेर में 28 मई 2026 का सूर्योदय और सूर्यास्त

बीकानेर राजस्थान के पश्चिमी हिस्से में आता है, इसलिए यहाँ का सूर्योदय और सूर्यास्त दिल्ली या जयपुर से थोड़ा अलग होता है।

चौघड़िया की गणना सीधे सूर्योदय से शुरू होती है, इसलिए यह आंकड़े ज़रूरी हैं।

28 मई 2026 को बीकानेर में अनुमानित सूर्योदय सुबह 5 बजकर 42 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 7 बजकर 18 मिनट पर।

दिन का कुल समय करीब 13 घंटे 36 मिनट का रहेगा।

दिन के 8 चौघड़िया इसी अवधि को बराबर 8 भागों में बाँटकर बनते हैं, यानी हर चौघड़िया लगभग 1 घंटे 42 मिनट का।

रात के चौघड़िया सूर्यास्त के बाद अगले सूर्योदय तक की अवधि से।

दिन का चौघड़िया 28 मई 2026, बीकानेर

  दिन का चौघड़िया गुरुवार 28 मई 2026
उद्वेग
05:42 – 07:24
चर
07:24 – 09:06
लाभ
09:06 – 10:48
अमृत
10:48 – 12:30
काल
12:30 – 14:12
शुभ
14:12 – 15:54
रोग
15:54 – 17:36
उद्वेग
17:36 – 19:18

रात का चौघड़िया 28 मई 2026, बीकानेर

  रात का चौघड़िया गुरुवार 28 मई 2026
शुभ
19:18 – 21:00
अमृत
21:00 – 22:42
चर
22:42 – 00:24
रोग
00:24 – 02:06
काल
02:06 – 03:48
लाभ
03:48 – 05:30
उद्वेग
05:30 – 05:42

अगले सूर्योदय तक की छोटी अवधि

राहुकाल गुरुवार 28 मई 2026, बीकानेर

राहुकाल के बारे में एक बात साफ कर लेते हैं। यह कोई डरावनी चीज़ नहीं है।

पंचांग की परंपरा में इसे सिर्फ उस समय के रूप में देखा जाता है जब नए और महत्त्वपूर्ण काम शुरू करने से बचना बेहतर माना जाता है।

पुराने काम जारी रखना, रोज़मर्रा की दिनचर्या, ये सब बिना रोक-टोक चलते रहते हैं।

 राहुकाल बीकानेर, 28 मई 2026
राहुकाल
01:30 – 03:12 अपराह्न
गुलिक काल
06:00 – 07:36 प्रातः

गुरुवार को राहुकाल दोपहर बाद की पहली पाली में आता है। परंपरागत मान्यताओं के अनुसार इस दौरान नया व्यापार, यात्रा या महत्त्वपूर्ण निर्णय लेने से आमतौर पर बचा जाता है।

चौघड़िया में हर नाम का क्या मतलब है

यह सवाल बहुत लोग पूछते हैं। तालिका देख ली, पर "चर" और "लाभ" में फर्क क्या है? तो थोड़ा समझते हैं।

अमृत – पारंपरिक रूप से काफी शुभ माना जाता है। किसी भी नए काम के लिए उपयुक्त।

शुभ – इसे भी उपयुक्त माना जाता है , खासकर विवाह, पूजा, या धार्मिक कार्यों के लिए।

लाभ – व्यापार और आर्थिक कार्यों के लिए कई लोग इसे उपयुक्त मानते हैं।

चर – यात्रा के लिए अनुकूल माना जाता है। "चर" यानी गतिशील।

उद्वेग – इसमें सूर्य का प्रभाव माना जाता है। सरकारी कार्य कुछ मान्यताओं में इस समय किए जाते हैं, पर नए काम से बचा जाता है।

काल – शनि से जुड़ा, इसलिए इसे आमतौर पर टाला जाता है।

रोग – नाम से ही स्पष्ट है। नए काम अनुचित माने जाते हैं।

गुरुवार को चौघड़िया देखने की ज़रूरत क्यों पड़ती है

बीकानेर की सांस्कृतिक परंपरा और शुभ समय

गुरुवार बृहस्पति का दिन है। पंचांग में इस दिन को वैसे भी अनुकूल माना जाता है।

फिर भी बीकानेर जैसे शहर में, जहाँ व्यापारिक परंपरा काफी गहरी है, लोग चौघड़िया ज़रूर देखते हैं।

कोई नई दुकान का उद्घाटन हो, कोई बड़ा सौदा हो, या कोई बच्चे की पढ़ाई से जुड़ा काम शुरू करना हो।

यहाँ के लोग पहले यही देखते हैं। यह एक पुरानी सांस्कृतिक परंपरा है और न ही इसे वैज्ञानिक प्रणाली के रूप में नहीं देखा जाता।

यह एक सांस्कृतिक परंपरा है जो पीढ़ियों से चली आ रही है।

28 मई 2026 को खास तौर पर अमृत चौघड़िया सुबह 10:48 से दोपहर 12:30 बजे तक है।

जो भी ज़रूरी काम है, वह इस समय के आसपास करना कई लोग उपयुक्त मानते हैं।

बीकानेर के लिए चौघड़िया की गणना अलग क्यों होती है

  1. यह बात कम लोग जानते हैं। बीकानेर का अक्षांश लगभग 28.01° उत्तर और देशांतर 73.31° पूर्व है।
  2. दिल्ली से करीब 2 डिग्री पश्चिम में। इसका सीधा असर सूर्योदय के समय पर पड़ता है।
  3. अगर आप दिल्ली का चौघड़िया देख रहे हैं और उसे बीकानेर में लागू करते हैं, तो करीब 8-10 मिनट का अंतर आ जाता है।
  4. छोटा लगता है, पर जब कोई मुहूर्त 1 घंटे 42 मिनट का हो तो यह अंतर महत्त्वपूर्ण हो सकता है।
  5. इसीलिए हमेशा स्थान के हिसाब से चौघड़िया देखना बेहतर रहता है।

आज के दिन कौन से काम किस समय करें

यह सबसे व्यावहारिक सवाल है। तो सीधे जवाब देते हैं।

नई दुकान या व्यापार शुरू करना – सुबह 9:06 से 10:48 (लाभ) या 10:48 से 12:30 (अमृत) बजे के बीच। रात में 19:18 से 21:00 (शुभ) भी उपयुक्त माना जाता है।

यात्रा पर निकलना – सुबह 7:24 से 9:06 (चर) के बीच यात्रा शुरू करना परंपरागत रूप से उपयुक्त माना जाता है।

कोई महत्त्वपूर्ण खरीदारी – अमृत और शुभ चौघड़िया में। इस दिन 10:48 से 12:30 बजे के बीच।

बैंक या सरकारी काम – उद्वेग समय में भी किया जा सकता है, पर राहुकाल से बचें।

जिन कामों में सावधानी रखनी चाहिए – राहुकाल (दोपहर 1:30 से 3:12) और काल चौघड़िया में नए काम शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।

पंचांग की अन्य जानकारी 28 मई 2026

 📅 28 मई 2026 पंचांग विवरण
वार
गुरुवार
मास
ज्येष्ठ
सूर्योदय
05:42 प्रातः
सूर्यास्त
19:18 सायं
दिशाशूल
दक्षिण दिशा
अभिजित
11:54 – 12:46

अभिजित मुहूर्त एक अलग बात

बहुत कम लोग इसके बारे में बात करते हैं। अभिजित मुहूर्त हर दिन लगभग दोपहर में आता है, और ज्योतिष में इसे काफी उपयुक्त माना जाता है।

गुरुवार को यह अधिक अनुकूल माना जाता है।

28 मई को यह 11:54 से 12:46 तक रहेगा। अगर कोई काम करना हो और चौघड़िया की जानकारी न हो, तो अभिजित मुहूर्त एक सरल विकल्प है जो पंचांग में हर दिन मिलता है।

दिशाशूल का ध्यान रखें

गुरुवार को दक्षिण दिशा में यात्रा के लिए दिशाशूल माना जाता है।

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यानी अगर आज दक्षिण की तरफ कोई यात्रा हो तो परंपरागत मान्यताओं के अनुसार उसे टालना या कोई उपाय करना उचित माना जाता है।

पर यह सब व्यक्तिगत आस्था और परंपरा पर निर्भर करता है। यह व्यक्तिगत आस्था पर निर्भर करता है।

चौघड़िया और आज की व्यस्त दिनचर्या

व्यावहारिक रूप से देखें तो आज हर कोई इतना व्यस्त है कि हर काम के लिए मुहूर्त देखना मुमकिन नहीं। और ऐसा करना ज़रूरी भी नहीं है।

पर बड़े फैसले, जैसे नई दुकान, नया मकान, कोई बड़ा सौदा, शादी का बायोडेटा भेजना, या नई नौकरी की शुरुआत। ऐसे मौकों पर चौघड़िया देखना एक मानसिक संतोष देता है। कई लोग यह सोचकर शुभ समय चुनते हैं कि अच्छी शुरुआत से काम में मन लगता है।

यह व्यक्तिगत विश्वास और परंपरा का हिस्सा है। और आस्था का सम्मान करना ज़रूरी है।

बीकानेर का पंचांग परंपरा से जुड़ाव

बीकानेर की संस्कृति में पंचांग का हमेशा से खास स्थान रहा है।

यहाँ के मारवाड़ी समाज में आज भी बड़े-बुजुर्ग सुबह पंचांग देखते हैं।

शादी की तारीख से लेकर नई कार खरीदने तक, सब में मुहूर्त का ख्याल रखा जाता है।

यह परंपरा सैकड़ों साल पुरानी है। और इसे सिर्फ अंधविश्वास कहना भी उचित नहीं होगा।

यह एक जीवनशैली है जो समाज की पारंपरिक जीवनशैली से जुड़ी है।

अगर आप पंचांग और ज्योतिष के बारे में और जानना चाहते हैं, तो ड्रिक पंचांग एक पारंपरिक रूप से उपयुक्त माना जाता है जहाँ आप किसी भी तारीख और शहर का पंचांग देख सकते हैं।

राहुकाल और सूर्योदय की सटीक जानकारी के लिए timeanddate.com पर बीकानेर का सूर्योदय का समय भी देखा जा सकता है।

आज का सबसे शुभ समय एक नज़र में

अगर आप सिर्फ एक समय याद रखना चाहते हैं, तो याद रखें: सुबह 10:48 से दोपहर 12:30 बजे तक अमृत चौघड़िया है।

गुरुवार, अमृत चौघड़िया, और ऊपर से अभिजित मुहूर्त भी पास में। यह समय कई कामों के लिए काफी उपयुक्त माना जाता है।

रात में शुभ (19:18 – 21:00) और अमृत (21:00 – 22:42) भी हैं। जो लोग दिन में व्यस्त रहते हैं, वे रात का समय चुन सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

गुरुवार को राहुकाल का समय कब होता है बीकानेर में?

गुरुवार को राहुकाल आमतौर पर दोपहर बाद आता है। 28 मई 2026 को बीकानेर में राहुकाल दोपहर 1:30 से 3:12 बजे तक रहेगा। इस दौरान नए काम शुरू करने से परंपरागत रूप से बचा जाता है।

चौघड़िया में अमृत और शुभ में क्या फर्क है?

दोनों को शुभ माना जाता है, पर अमृत को आमतौर पर अधिक महत्त्व दिया जाता है। शुभ चौघड़िया खासकर पूजा, विवाह, और धार्मिक कार्यों के लिए उपयुक्त माना जाता है। अमृत में कोई भी महत्त्वपूर्ण काम शुरू किया जा सकता है।

क्या चौघड़िया हर शहर के लिए अलग होता है?

हाँ। चौघड़िया की गणना उस शहर के सूर्योदय के समय से होती है। बीकानेर, जयपुर और दिल्ली का सूर्योदय अलग-अलग समय पर होता है, इसलिए तीनों का चौघड़िया भी थोड़ा अलग रहता है।

अगर ज़रूरी काम राहुकाल में ही पड़ता हो तो क्या करें?

कई पंचांग विशेषज्ञ कहते हैं कि पहले से चल रहे काम राहुकाल में जारी रख सकते हैं। सिर्फ नई शुरुआत से बचना होता है। और अगर कोई बहुत ज़रूरी काम हो जो टल नहीं सकता, तो परंपरागत रूप से पारंपरिक उपाय किए जाते हैं।

चर चौघड़िया किस काम के लिए सबसे अच्छा माना जाता है?

"चर" का अर्थ है गतिशील। इसलिए यात्रा, वाहन से जुड़े काम, या ऐसे काम जिनमें आवाजाही हो, उनके लिए चर चौघड़िया उपयुक्त माना जाता है।

अस्वीकरण: यह लेख पारंपरिक पंचांग मान्यताओं और सांस्कृतिक जानकारी पर आधारित है। यह सामग्री केवल शैक्षणिक और सूचनात्मक उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। ज्योतिष और चौघड़िया से जुड़े किसी भी निर्णय के लिए स्थानीय पंचांग या अनुभवी विशेषज्ञ से व्यक्तिगत परामर्श लेना उचित रहेगा।

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Shiv Kumar Pandit

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मैं, शिव कुमार पंडित, इस प्लेटफ़ॉर्म का Co-Founder और वरिष्ठ कंटेंट रिसर्चर हूं। मुझे भारतीय संस्कृति, शुभ मुहूर्त, चोघड़िया, पंचांग और पारंपरिक ज्ञान से जुड़े विषयों पर रिसर्च करना और सरल भाषा में जानकारी साझा करना पसंद है, ताकि हर पाठक आसानी से सही जानकारी समझ सके।

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