रविवार का दिन हमेशा थोड़ा अलग होता है। कुछ लोग इसे आराम का दिन मानते हैं, कुछ लोग पूजा-पाठ का।
और बहुत से लोग जो कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं, वो कई लोग पहले यह देखना पसंद करते हैं, कि आज का शुभ समय कौन सा है।
पुणे में रहने वाले लोगों के लिए 24 मई 2026 का चौघड़िया नीचे विस्तार से दिया गया है।
साथ में राहुकाल का समय भी है, ताकि आप जान सकें कि किस वक्त नए काम शुरू करने से बचना उपयुक्त माना जाता है।
आज का पंचांग संक्षेप 24 मई 2026, पुणे
पुणे की भौगोलिक स्थिति के अनुसार 24 मई 2026 को सूर्योदय लगभग सुबह 6:01 बजे और सूर्यास्त लगभग शाम 7:07 बजे के आसपास होगा।
चौघड़िया की गणना इन्हीं समयों पर आधारित होती है।
रविवार का स्वामी ग्रह सूर्य माना जाता है।
इस दिन उद्वेग चौघड़िया से दिन की शुरुआत होती है, जिसे कुछ परंपराओं में साहसिक कार्यों के लिए उपयुक्त माना जाता है।
चौघड़िया क्या होता है, सरल भाषा में
चौघड़िया का मतलब है "चार घड़ी"। एक घड़ी लगभग 24 मिनट की होती है, यानी चार घड़ी मिलकर करीब डेढ़ घंटे का एक चौघड़िया बनाता है।
दिन के कुल 8 चौघड़िया होते हैं और रात के भी 8। इन सोलह खंडों में से हर एक का एक ग्रह और एक गुण होता है।
परंपरागत रूप से, शुभ, अमृत और लाभ चौघड़िया को महत्त्वपूर्ण कार्य के लिए उपयुक्त माना जाता है। चर चौघड़िया को यात्रा के लिए उपयुक्त माना जाता है। और काल, रोग, उद्वेग चौघड़िया को आमतौर पर महत्वपूर्ण कार्यों के लिए टाला जाता है।
पुणे 24 मई 2026 दिन और रात का पूरा चौघड़िया
नीचे दिन और रात दोनों के चौघड़िया एक साथ दिए गए हैं।
पुणे में आज का राहुकाल 24 मई 2026
राहुकाल के बारे में एक बात सीधे कह दें। यह कोई डराने वाली चीज नहीं है।
पारंपरिक पंचांग में राहुकाल को उस समय के रूप में देखा जाता है जब नए और महत्वपूर्ण काम शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। पहले से चल रहे काम इस दौरान जारी रखे जा सकते हैं।
रविवार को राहुकाल आमतौर पर सायंकाल के आसपास होता है।
हर चौघड़िया का क्या मतलब होता है
सात चौघड़िया हैं और हर एक किसी न किसी ग्रह से जुड़ा हुआ है।
अमृत चौघड़िया को सबसे अनुकूल माना जाता है। इसका स्वामी चंद्रमा है। शादी, नया व्यापार, गृहप्रवेश, बड़े निर्णय, कई महत्त्वपूर्ण कार्य इस समय में करना कई लोग उचित समझते हैं।
शुभ चौघड़िया का स्वामी बृहस्पति है। धार्मिक कार्य, पूजा और शिक्षा से जुड़े काम इस समय में किए जाते हैं।
लाभ चौघड़िया का स्वामी बुध है। व्यापारिक कार्य और पैसे के लेनदेन के लिए इसे उपयुक्त माना जाता है।
चर चौघड़िया का स्वामी शुक्र है। यात्रा और घूमने-फिरने के लिए इसे उपयुक्त माना जाता है।
उद्वेग चौघड़िया का स्वामी सूर्य है। इसे सरकारी काम और साहसिक निर्णयों के लिए उपयुक्त माना जाता है, हालांकि यह शुभ श्रेणी में नहीं आता।
काल चौघड़िया का स्वामी शनि है। इसे आमतौर पर शुभ कार्यों के लिए टाला जाता है।
रोग चौघड़िया का स्वामी मंगल है। इसे भी महत्वपूर्ण कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता।
रविवार को कौन सा काम कब करें
रविवार 24 मई 2026 के लिए व्यावहारिक सुझाव।
अगर आप सुबह जल्दी कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं तो 9:08 से 12:16 के बीच का समय लाभ और अमृत चौघड़िया का है। ये दोनों खंड मिलकर करीब 3 घंटे देते हैं।
दोपहर बाद 1:50 से 3:24 बजे तक शुभ चौघड़िया है। अगर सुबह कोई काम छूट गया तो यह वक्त भी ठीक है।
शाम को राहुकाल के बाद, यानी 6 बजे के बाद, रात का शुभ चौघड़िया शुरू होता है। रात 7:07 से 8:34 तक का समय उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो दिन में व्यस्त रहे।
रात 8:34 से 10:01 तक अमृत चौघड़िया है। रात का यह खंड पारंपरिक रूप से अनुकूल माना जाता है।
चौघड़िया की गणना कैसे होती है
यह पंचांग गणना की पारंपरिक प्रक्रिया है, पर इसे सरल तरीके से समझा जा सकता है।
दिन के कुल घंटों को 8 बराबर भागों में बांटते हैं। पुणे में 24 मई 2026 को दिन करीब 13 घंटे 6 मिनट का है।
इसे 8 से भाग देने पर हर चौघड़िया करीब 1 घंटा 38 मिनट का बनता है।
हर वार का पहला चौघड़िया उस दिन के स्वामी ग्रह से शुरू होता है। रविवार का स्वामी सूर्य है, इसलिए पहला चौघड़िया उद्वेग होता है।
रात के चौघड़िया की गणना सूर्यास्त से अगले दिन के सूर्योदय तक होती है।
अगर आप खुद पंचांग देखना चाहते हैं तो Drikpanchang.com एक लोकप्रिय संदर्भ स्रोत है जहां शहर और तारीख के अनुसार चौघड़िया देखा जा सकता है।
पुणे में सूर्योदय और सूर्यास्त मई 2026
पुणे का अक्षांश लगभग 18.52° उत्तर है। मई के अंत में यहां सूर्योदय जल्दी होता है और सूर्यास्त देर से।
इसी वजह से दिन के चौघड़िया का हर खंड थोड़ा लंबा होता है।
timeanddate.com पर पुणे के लिए सूर्योदय और सूर्यास्त के स्थानीय समय पर आधारित जानकारी की जांच की जा सकती है।
अभिजित मुहूर्त एक और शुभ समय
24 मई 2026 को पुणे में अभिजित मुहूर्त लगभग दोपहर 12:00 से 12:48 बजे के बीच रहेगा।
यह मुहूर्त रोज नहीं देखा जाता, लेकिन जब कोई बड़ा और तत्काल काम करना हो और चौघड़िया देखने का समय न हो, तो अभिजित मुहूर्त एक एक पारंपरिक विकल्प माना जाता है। बुधवार को यह मुहूर्त नहीं देखा जाता।
व्यावहारिक बात चौघड़िया को लेकर संतुलित नजरिया
चौघड़िया हमारी संस्कृति का एक हिस्सा है। कई परिवारों में आज भी शादी की तारीख से लेकर नई गाड़ी लेने तक चौघड़िया देखा जाता है।
यह एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में चलती आई परंपरा है।
पर एक बात जो कहना ठीक लगता है, चौघड़िया एक मार्गदर्शन की तरह है। इसे बहुत सख्ती से पालन करने की जरूरत नहीं है।
कई बार काम की व्यावहारिक परिस्थितियाँ भी महत्त्व रखती हैं।
जैसे, कोई जरूरी दस्तावेज भेजना हो और उस वक्त काल चौघड़िया चल रहा हो, तो काम को टालना हमेशा व्यावहारिक नहीं होता।
FAQ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रविवार को कौन सा चौघड़िया सबसे पहले आता है?
रविवार का स्वामी ग्रह सूर्य है, इसलिए दिन की शुरुआत उद्वेग चौघड़िया से होती है। यह परंपरागत रूप से शुभ श्रेणी में नहीं आता, इसलिए सुबह के पहले डेढ़ घंटे में नए काम शुरू करना कई लोग उचित नहीं मानते।
क्या राहुकाल में कोई भी काम नहीं करना चाहिए?
पारंपरिक मान्यता के अनुसार राहुकाल में नए और महत्वपूर्ण काम शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। जो काम पहले से चल रहे हों, वो इस दौरान जारी रखे जा सकते हैं। यह एक सांस्कृतिक परंपरा है। यह सांस्कृतिक परंपरा और व्यक्तिगत आस्था पर आधारित है।
पुणे और मुंबई के चौघड़िया में फर्क होता है क्या?
हां, थोड़ा फर्क होता है। दोनों शहरों के अक्षांश और सूर्योदय-सूर्यास्त के समय में मामूली अंतर है। इसी वजह से दोनों जगह चौघड़िया का समय हू-ब-हू एक जैसा नहीं होता। पुणे में सूर्योदय मुंबई से थोड़ा अलग है।
क्या रात के चौघड़िया भी
उतने ही मायने रखते हैं?
पंचांग परंपरा में दिन और रात दोनों के चौघड़िया समान रूप से देखे जाते हैं। जो लोग रात में कोई काम शुरू करना चाहते हैं, जैसे ऑनलाइन व्यापार, नया प्रोजेक्ट, या किसी से महत्वपूर्ण बात, वो रात के शुभ और अमृत चौघड़िया का उपयोग करते हैं।
चौघड़िया और मुहूर्त में क्या अंतर है?
चौघड़िया एक सरल समय-विभाजन पद्धति है जो हर दिन के लिए आसानी से निकाली जा सकती है। मुहूर्त थोड़ा अधिक विस्तृत होता है और उसमें नक्षत्र, तिथि, योग, और करण जैसे कई तत्व शामिल होते हैं। बड़े काम जैसे विवाह या गृहप्रवेश के लिए पूरा मुहूर्त देखा जाता है, जबकि रोजमर्रा के कामों के लिए चौघड़िया
उपयोगी माना जाता है।
अस्वीकरण: यह लेख पारंपरिक पंचांग मान्यताओं और सांस्कृतिक परंपराओं पर आधारित है। इसे केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए लिखा गया है। चौघड़िया और राहुकाल के समय स्थानीय पंचांग या किसी विश्वसनीय ज्योतिष संसाधन से पुष्टि अवश्य करें।
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