Aaj Ka Choghadiya Jodhpur Saturday, 23 May 2026 आज का शुभ चौघड़िया समय और राहुकाल

Aaj Ka Choghadiya Jodhpur Saturday, 23 May 2026 आज का शुभ चौघड़िया समय और राहुकाल
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शनिवार का दिन। जोधपुर की सुबह धीरे-धीरे खुलती है, और बहुत से लोग कई लोग पहले यह देखना पसंद करते हैंकि आज का शुभ समय कब है।

कोई नया काम शुरू करना हो, यात्रा पर निकलना हो, या कोई जरूरी खरीदारी करनी हो, चौ, घड़िया देखने की यह परंपरा राजस्थान में बहुत पुरानी है।

जोधपुर, जिसे सूर्यनगरी भी कहते हैं, यहाँ का सूर्योदय और सूर्यास्त समय थोड़ा अलग होता है।

इसीलिए यहाँ का चौघड़िया भी जयपुर या दिल्ली से थोड़ा अलग रहता है। तो अगर आप जोधपुर में हैं, तो किसी दूसरे शहर का चौघड़िया देखने में समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।

जोधपुर में 23 मई 2026 का सूर्योदय और सूर्यास्त

23 मई 2026 को जोधपुर में सूर्योदय सुबह लगभग 5:48 बजे होगा और सूर्यास्त शाम 7:18 बजे के आसपास होगा। दिन की कुल अवधि करीब 13 घंटे 30 मिनट रहेगी।

चौघड़िया की गणना इसी सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर होती है।

दिन को 8 बराबर हिस्सों में बाँटा जाता है और रात को भी 8 हिस्सों में। हर हिस्सा लगभग 1 घंटा 41 मिनट का होता है।

दिन का चौघड़िया 23 मई 2026, जोधपुर

 दिन का चौघड़िया शनिवार, 23 मई 2026
उद्वेग (शनि)
05:48 – 07:29
चर (शुक्र)
07:29 – 09:10
लाभ (बुध)
09:10 – 10:51
अमृत (चन्द्र)
10:51 – 12:32
काल (मंगल)
12:32 – 14:13
शुभ (गुरु)
14:13 – 15:54
रोग (सूर्य)
15:54 – 17:35
उद्वेग (शनि)
17:35 – 19:18

रात का चौघड़िया 23 मई 2026, जोधपुर

 रात का चौघड़िया शनिवार, 23 मई 2026
अमृत (चन्द्र)
19:18 – 20:59
काल (मंगल)
20:59 – 22:40
लाभ (बुध)
22:40 – 00:21
उद्वेग (शनि)
00:21 – 02:02
शुभ (गुरु)
02:02 – 03:43
रोग (सूर्य)
03:43 – 05:24
चर (शुक्र)
05:24 – 05:48


आज का राहुकाल जोधपुर, 23 मई 2026

शनिवार को राहुकाल सुबह के समय आता है। जोधपुर में 23 मई 2026 को राहुकाल सुबह 9:10 से 10:51 बजे तक रहेगा।

 राहुकाल विवरण शनिवार
राहुकाल
09:10 – 10:51 (सुबह)
यमगण्ड
02:02 – 03:43 (रात)
गुलिककाल
07:29 – 09:10 (सुबह)


राहुकाल को लेकर परंपरागत मान्यता यह है कि इस समय में कोई नया और महत्वपूर्ण काम शुरू करना कम उपयुक्त माना जाता है। यह धार्मिक और सांस्कृतिक विश्वास का हिस्सा है। 

बहुत से लोग इसे आज भी ध्यान में रखते हैं, खासकर शादी, व्यापार शुरू करने या किसी लंबी यात्रा के लिए।

चौघड़िया में कौन सा समय किस काम के लिए

हर किसी को पता नहीं होता कि हर चौघड़िया का एक खास उद्देश्य होता है। सिर्फ "शुभ" या "अशुभ" जानना काफी नहीं।

चौघड़िया काम और उपयोग
अमृत
कई शुभ कार्य, यात्रा, विवाह, व्यापार
शुभ
विवाह, धार्मिक कार्य, गृह प्रवेश
लाभ
व्यापार, नई योजना, खरीदारी
चर
यात्रा, वाहन खरीद, स्थान परिवर्तन
काल
सामान्यतः कम अनुकूल माना जाता है, नया काम न शुरू करें
उद्वेग
शनि से जुड़ा, महत्वपूर्ण कार्यों में परहेज
रोग
स्वास्थ्य संबंधी कार्यों में सावधानी

शनिवार और चौघड़िया का संबंध

शनिवार शनि ग्रह का दिन माना जाता है। इस दिन का पहला चौघड़िया "उद्वेग" होता है जो शनि से जुड़ा है। पारंपरिक मान्यता में इसे कम अनुकूल माना जाता है।

लेकिन दिन के बीच में अमृत चौघड़िया (10:51 से 12:32) और शुभ चौघड़िया (14:13 से 15:54) आते हैं। बहुत से लोग इन्हीं समयों में अपने जरूरी काम निपटाना पसंद करते हैं।

शाम को सूर्यास्त के बाद रात का पहला चौघड़िया अमृत (19:18 से 20:59) है। जो लोग शाम को कोई काम शुरू करना चाहते हैं, वे इस समय को पारंपरिक रूप से अनुकूल मानते हैं।

जोधपुर के लिए चौघड़िया क्यों अलग होता है

जोधपुर के लिए चौघड़िया क्यों

राजस्थान में जोधपुर की भौगोलिक स्थिति करीब 26.3° उत्तर अक्षांश और 73.0° पूर्व देशांतर पर है।

इसी वजह से यहाँ का सूर्योदय और सूर्यास्त दिल्ली या मुंबई से थोड़ा अलग रहते हैं।

चौघड़िया की गणना स्थानीय सूर्योदय पर आधारित होती है।

तो अगर आप किसी राष्ट्रीय वेबसाइट पर जयपुर का चौघड़िया देख रहे हैं, वह जोधपुर पर पूरी तरह लागू नहीं होगा। समय में 5-10 मिनट का फर्क आ सकता है।

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समय का यह अंतर किसी खास मुहूर्त के लिए मायने रखता है।

पंचांग की जानकारी और सूर्योदय के सटीक समय के लिए drikpanchang.com जैसी विश्वसनीय पंचांग वेबसाइटें देख सकते हैं।

आज के दिन के लिए व्यावहारिक सलाह

23 मई 2026, शनिवार को अगर आपके पास कुछ जरूरी काम हैं, तो यहाँ एक सरल मार्गदर्शन है जो परंपरागत मान्यताओं पर आधारित है।

सुबह 9:10 से पहले निपटाएं: बैंक, दफ्तर या कोई जरूरी दस्तावेज का काम। राहुकाल शुरू होने से पहले।

दोपहर 10:51 से 12:32 के बीच: कोई नई शुरुआत करना हो, किसी अनुबंध पर हस्ताक्षर करने हों, या किसी से महत्वपूर्ण बात करनी हो तो यह समय परंपरागत रूप से अनुकूल माना जाता है।

दोपहर 2 बजे के बाद: शुभ चौघड़िया फिर से आता है। खरीदारी, यात्रा की शुरुआत, या कोई समझौता इस समय में किया जा सकता है।

शाम 7:18 के बाद: रात का पहला अमृत चौघड़िया है। अगर कोई काम दिन में नहीं हो पाया, तो शाम को इस समय का उपयोग किया जा सकता है।

चौघड़िया कैसे बनता है एक सरल समझ

बहुत से लोग चौघड़िया देखते हैं, पर यह नहीं जानते कि यह बनता कैसे है।

हर दिन के 8 चौघड़िया होते हैं और रात के भी 8। प्रत्येक चौघड़िया एक ग्रह से जुड़ा है। वह ग्रह उस समय की प्रकृति तय करता है।

उदाहरण के लिए गुरु (बृहस्पति) से जुड़ा "शुभ" चौघड़िया, मंगल से जुड़ा "काल", और चंद्र से जुड़ा "अमृत"।

यह क्रम हर दिन के वार के हिसाब से बदलता है। शनिवार को शनि से शुरू होता है, तो पहला चौघड़िया उद्वेग होगा।

वैदिक ज्योतिष में इस पद्धति की जड़ें प्राचीन मानी जाती हैं।   विकिपीडिया पर वैदिक ज्योतिष के बारे में अधिक पढ़ सकते हैं।

आज का पंचांग संक्षेप जोधपुर

23 मई 2026 पंचांग विवरण
दिनशनिवार
तिथिषष्ठी (शुक्ल)
नक्षत्रपुष्य
सूर्योदय05:48
सूर्यास्त19:18
राहुकाल09:10 – 10:51

शनिवार को यात्रा के लिए चौघड़िया

शनिवार को यात्रा के लिए

यात्रा के लिए "चर" चौघड़िया को परंपरागत रूप से  पारंपरिक रूप से उपयुक्त माना जाता है, क्योंकि "चर" का अर्थ ही गतिशीलता है।

आज यानी 23 मई को "चर" चौघड़िया दिन में 07:29 से 09:10 तक है।

लेकिन इस दौरान गुलिकाल भी है जो 07:29 से 09:10 तक रहेगा। तो यात्रा के लिए कई लोग सावधानी बरतना उचित मानते हैं।

इसके अलावा दिन का अमृत चौघड़िया (10:51-12:32) भी यात्रा के लिए कई लोग उपयोगी मानते हैं।

शाम को रात का अमृत (19:18-20:59) भी एक विकल्प है।

बच्चों का नामकरण और अन्य संस्कार

अगर 23 मई 2026 को कोई धार्मिक संस्कार, नामकरण, या मुंडन जैसा कार्यक्रम रखा है, तो अमृत और शुभ चौघड़िया को काफी उपयुक्त माना जाता है।

दोपहर का शुभ चौघड़िया 14:13 से 15:54 तक है। और रात का शुभ 02:02 से 03:43 तक, लेकिन वह समय रात का है तो व्यावहारिक रूप से दिन के समय को प्राथमिकता दें।

किसी भी बड़े धार्मिक कार्य के लिए स्थानीय पंडित या पंचांग से भी पुष्टि करना उपयुक्त माना जाता है।

FAQ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

चौघड़िया और राहुकाल में क्या अंतर है?
चौघड़िया एक समय विभाजन है जो शुभ और अशुभ कार्यों के लिए मार्गदर्शन के रूप में देखा जाता है। राहुकाल एक पारंपरिक समय है जिसमें परंपरागत रूप से नए कार्य न करने की सलाह दी जाती है। दोनों अलग-अलग हैं, हालाँकि कभी-कभी राहुकाल का समय किसी चौघड़िया के साथ ओवरलैप कर सकता है।

अगर मेरा जरूरी काम राहुकाल में पड़ रहा है तो क्या करूं?
बहुत से लोग इसे  टालना पसंद करते हैं और अगले शुभ चौघड़िया का इंतजार करते हैं। लेकिन अगर काम टाला नहीं जा सकता तो अपने विश्वास के अनुसार निर्णय लें। यह आस्था और व्यावहारिकता के बीच का संतुलन है।

क्या जोधपुर और जयपुर का चौघड़िया एक जैसा होता है?
लगभग मिलता-जुलता होता है, लेकिन बिल्कुल एक जैसा नहीं। दोनों शहरों के देशांतर में थोड़ा अंतर है, जिसकी वजह से सूर्योदय के समय में 4-6 मिनट का फर्क रहता है। इससे चौघड़िया का समय भी थोड़ा अलग हो जाता है।

शनिवार का चौघड़िया दूसरे दिनों से अलग क्यों होता है?
हर दिन का पहला चौघड़िया उस दिन के स्वामी ग्रह से शुरू होता है। शनिवार का स्वामी शनि है इसलिए पहला चौघड़िया "उद्वेग" होता है जो शनि से जुड़ा है। इसी तरह रविवार को "उद्वेग" से और सोमवार को "अमृत" से दिन शुरू होता है।

क्या चौघड़िया देखना जरूरी है?
यह पूरी तरह व्यक्तिगत आस्था पर निर्भर करता है। बहुत से लोग इसे सांस्कृतिक परंपरा के रूप में मानते हैं और अपनी सुविधा के अनुसार उपयोग करते हैं। यह व्यक्तिगत आस्था और परंपरा पर निर्भर करता है।

यह लेख पारंपरिक पंचांग पद्धति और सांस्कृतिक मान्यताओं पर आधारित सामान्य जानकारी के लिए है। चौघड़िया और राहुकाल से जुड़ी जानकारी ज्योतिषीय परंपराओं पर आधारित है। किसी भी महत्वपूर्ण धार्मिक या व्यावसायिक निर्णय के लिए अपने स्थानीय पंडित या पंचांग से स्वयं पुष्टि करें।

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Shiv Kumar Pandit

Shiv Kumar Pandit

सत्यापित
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मैं, शिव कुमार पंडित, इस प्लेटफ़ॉर्म का Co-Founder और वरिष्ठ कंटेंट रिसर्चर हूं। मुझे भारतीय संस्कृति, शुभ मुहूर्त, चोघड़िया, पंचांग और पारंपरिक ज्ञान से जुड़े विषयों पर रिसर्च करना और सरल भाषा में जानकारी साझा करना पसंद है, ताकि हर पाठक आसानी से सही जानकारी समझ सके।

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