गुरुवार का दिन वैसे भी कई लोगों के लिए थोड़ा खास होता है।
बृहस्पति का दिन। और जब ऊपर से दिल्ली जैसे व्यस्त शहर में कोई नया काम शुरू करना हो, तो थोड़ा रुककर सही समय देखना कई लोग उपयोगी मानते हैं। चौघड़िया पंचांग का वह हिस्सा है जो दिन को छोटे-छोटे समय-खंडों में बाँटता है।
हर खंड की अपनी प्रकृति होती है, और उसी के आधार पर लोग तय करते हैं कि कौन सा काम कब करना ठीक रहेगा।
यहाँ 21 मई 2026, गुरुवार के लिए दिल्ली का पूरा चौघड़िया विवरण दिया गया है।
सूर्योदय समय लगभग 05:29 बजे और सूर्यास्त समय लगभग 19:17 बजे के आधार पर यह गणना की गई है।
दिन का चौघड़िया 21 मई 2026, दिल्ली
दिन के चौघड़िया की शुरुआत सूर्योदय से होती है। गुरुवार को दिन का पहला चौघड़ियापारंप रिक रूप से शुभ माना जाता है, क्योंकि गुरुवार का स्वामी बृहस्पति है और दिन की शुरुआत उसी के प्रभाव से होती है।
रात का चौघड़िया 21 मई 2026, दिल्ली
रात का चौघड़िया सूर्यास्त के बाद शुरू होता है। जो लोग शाम या रात को कोई काम, यात्रा, या व्यापारिक निर्णय लेना चाहते हैं, वे रात के चौघड़िया को देखते हैं।
आज का राहुकाल दिल्ली, 21 मई 2026
राहुकाल गुरुवार को दोपहर में पड़ता है। पारंपरिक मान्यता के अनुसार इस समय नए काम शुरू करने से बचा जाता है।
थोड़ा सरल समझें
चौघड़िया शब्द दो शब्दों से मिला है। "चो" यानी चार और "घड़िया" यानी घड़ी।
मतलब, हर चार घड़ी का एक समय-खंड। पारंपरिक भारतीय पंचांग में एक दिन को सूर्योदय से सूर्यास्त तक 8 बराबर हिस्सों में बाँटा जाता है।
और रात को भी 8 हिस्सों में।
हर चौघड़िया किसी ग्रह के प्रभाव से जुड़ा माना जाता है।
जैसे शुभ चौघड़िया बृहस्पति से जुड़ा है, लाभ बुध से, अमृत चंद्रमा से, और चर शुक्र से। ये चारों पारंपरिक रूप से अनुकूल माने जाते हैं।
वहीं काल शनि से, रोग मंगल से, और उद्वेग सूर्य से जुड़े माने जाते हैं, जिन्हें कई लोग नए काम के लिए कम उपयुक्त मानते हैं।
यह पूरी तरह से पारंपरिक और सांस्कृतिक ढाँचा है।
बहुत से लोग इसे अपने रोजाना के फैसलों में शामिल करते हैं, खासकर जब कोई बड़ा काम, यात्रा, या खरीदारी की योजना हो।
गुरुवार का दिन और चौघड़िया का मेल
गुरुवार को बृहस्पति का दिन माना जाता है। और बृहस्पति को ज्ञान और शिक्षा से जुड़ा ग्रह कहा जाता है।
इसीलिए पारंपरिक रूप से गुरुवार को शिक्षा से जुड़े काम, गुरु को प्रणाम, और आध्यात्मिक गतिविधियाँ शुरू करना उपयुक्त माना जाता है।
21 मई 2026 के दिन का पहला चौघड़िया शुभ है।
सुबह की शुरुआत 05:29 से 07:05 के बीच अगर कोई जरूरी काम करना हो, जैसे कोई दस्तावेज तैयार करना, नई नौकरी का पहला दिन, या किसी यात्रा की तैयारी, तो कई लोग इसे उपयुक्त समय मानते हैं।
दोपहर में 11:53 से 13:29 का लाभ चौघड़िया और उसके बाद 13:29 से 15:05 का अमृत चौघड़िया उन लोगों के लिए कई लोग उपयुक्त मानते हैं जो दोपहर में कोई व्यापारिक या व्यक्तिगत काम शुरू करना चाहते हैं।
हालाँकि अमृत चौघड़िया और राहुकाल का समय यहाँ एक साथ पड़ रहा है, इसलिए बहुत से लोग इस दौरान सावधानी बरतते हैं।
आज के लिए कौन से काम किस समय उचित माने जाते हैं
यह एक आम सवाल है जो लोग पूछते हैं। चौघड़िया के आधार पर कामों का एक सामान्य मार्गदर्शन यहाँ दिया गया है:
दिल्ली में सूर्योदय और पंचांग विवरण 21 मई 2026
दिल्ली भारत की राजधानी है और उत्तर भारतीय पंचांग परंपरा में इसका समय-गणना का एक खास स्थान है।
21 मई को दिल्ली में मौसम गर्म होता है। सूर्योदय सुबह जल्दी होता है और सूर्यास्त शाम को देर से।
पंचांग की विस्तृत जानकारी के लिए drikpanchang.com जैसी प्रामाणिक पंचांग वेबसाइटें लोकप्रिय संदर्भ स्रोत मानी जाती हैं। इसके अलावा timeanddate.com पर दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त का सही समय देखा जा सकता है।
चौघड़िया के आठ प्रकार – एक नजर में
चौघड़िया के आठ नाम हैं और हर एक की एक अलग पहचान है। इन्हें समझना मुश्किल नहीं है।
अमृत – पारंपरिक रूप से काफी शुभ माना जाता है। चंद्रमा का प्रभाव। किसी भी काम के लिए उचित।
शुभ – बृहस्पति का प्रभाव। शिक्षा, विवाह, या नई शुरुआत के लिए उपयुक्त माना जाता है।
लाभ – बुध का प्रभाव। व्यापार और धन से जुड़े कामों में कई लोग उन्हें उपयोगी मानते हैं।
चर – शुक्र का प्रभाव। यात्रा और गतिशीलता के लिए उचित माना जाता है।
काल – शनि का प्रभाव। नए काम के लिए आमतौर पर टाला जाता है, लेकिन जरूरी कामों को रोकना भी उचित नहीं।
रोग – मंगल का प्रभाव। स्वास्थ्य और शांति से जुड़े कामों के लिए कई लोग इसे कम उपयुक्त मानते हैं।
उद्वेग – सूर्य का प्रभाव। सरकारी कामों के लिए कुछ परंपराओं में उचित माना जाता है।
काल को अलग-अलग संदर्भों में अलग तरह से देखा जाता है। हर घर और हर परिवार की अपनी मान्यता होती है।
राहुकाल को लेकर एक सामान्य गलतफहमी
बहुत से लोग राहुकाल को पूरी तरह "अशुभ" मान लेते हैं और उस दौरान कोई भी काम बंद कर देते हैं।
पर पारंपरिक पंचांग में राहुकाल का मतलब यह है कि उस समय नए काम की शुरुआत टाली जाए।
जो काम पहले से चल रहे हैं, उन्हें जारी रखने में कोई समस्या नहीं मानी जाती।
21 मई 2026 को दिल्ली में राहुकाल 13:29 से 15:05 के बीच है।
इस दौरान अगर कोई दफ्तर में काम कर रहा है, पढ़ रहा है, या घर के रोजमर्रा के काम निपटा रहा है, तो पारंपरिक दृष्टि से इसमें आम तौर पर सामान्य माना जाता है।
यह भी पढ़ें
अभिजित मुहूर्त – गुरुवार 21 मई 2026
अभिजित मुहूर्त को हिंदू पंचांग में विशेष महत्व दिया जाता है।
यह दोपहर के समय पड़ता है और कई लोग इसे विशेष कार्यों के लिए उपयोगी मानते हैं।
21 मई 2026 को दिल्ली में अभिजित मुहूर्त लगभग 11:47 से 12:40 के बीच रहेगा।
हालाँकि गुरुवार को कुछ पंचांग परंपराओं में अभिजित मुहूर्त को लेकर थोड़ी भिन्न राय होती है।
इसीलिए किसी बड़े काम के लिए स्थानीय पंडित या किसी विश्वसनीय पंचांग से एक बार जाँच लेना बेहतर रहता है।
दिल्ली के लोग चौघड़िया कैसे इस्तेमाल करते हैं
दिल्ली एक बड़ा और व्यस्त शहर है। यहाँ के व्यापारी, गृहिणियाँ और बुजुर्ग अक्सर सुबह उठकर पंचांग देखते हैं।
कुछ लोग मोबाइल पर पंचांग ऐप खोलते हैं, कुछ घर में रखी हुई छपी पंचांग पलटते हैं।
एक आम उदाहरण: अगर किसी को सुबह किसी बैंक में नया खाता खुलवाना है, तो वह देखता है कि पहला चौघड़िया क्या है।
21 मई को पहला चौघड़िया शुभ है, तो वह सुबह जल्दी निकलने की कोशिश करेगा।
यह एक पारंपरिक सांस्कृतिक मान्यता है और न ही यह पूरी तरह वैज्ञानिक दावा है। यह एक पुरानी परंपरा है जो पीढ़ियों से चली आ रही है। बहुत से लोग इसे मनोबल और आस्था के रूप में मानते हैं।
आज के दिन के लिए एक व्यावहारिक सुझाव
अगर आज आपका कोई जरूरी काम है, तो एक सरल तरीका यह है:
सुबह 05:29 से 07:05 के बीच या शाम 16:41 से 18:17 के बीच की शुभ चौघड़िया को चुनें।
अगर दोपहर का काम है, तो 11:53 से 13:29 तक चौघड़िया देखें। राहुकाल यानी 13:29 से 15:05 के दौरान किसी नए काम की शुरुआत से बचें, अगर आप पारंपरिक मान्यताओं को मानते हैं।
रात को काम करने वालों के लिए शाम 19:17 से 20:41 का अमृत चौघड़िया पारंपरिक रूप से अनुकूल माना जाता है।
सामान्य प्रश्न (FAQ)
चौघड़िया और मुहूर्त में क्या अंतर है?
चौघड़िया दिन को 8 समान भागों में बाँटता है और हर भाग एक ग्रह के प्रभाव से जुड़ा माना जाता है। मुहूर्त ज्यादा विस्तृत गणना है जिसमें तिथि, नक्षत्र, योग, और करण सब मिलाकर देखे जाते हैं। छोटे कामों के लिए चौघड़िया कई लोग पर्याप्त मानते हैं , बड़े संस्कारों जैसे विवाह या गृह प्रवेश के लिए पूरा मुहूर्त निकाला जाता है।
क्या चर चौघड़िया सिर्फ यात्रा के लिए होता है?
पारंपरिक रूप से चर को यात्रा के लिए उचित माना जाता है क्योंकि इसका संबंध गतिशीलता से जोड़ा गया है। पर कुछ लोग इसे अन्य सामान्य कामों के लिए भी ठीक मानते हैं। यह पूरी तरह आपकी मान्यता और परिवार की परंपरा पर निर्भर करता है।
गुरुवार को राहुकाल दोपहर में क्यों पड़ता है?
हर वार को राहुकाल का समय अलग होता है। यह एक तय परंपरागत क्रम के आधार पर तय किया जाता है। गुरुवार को यह दोपहर बाद पड़ता है। इसके पीछे ज्योतिषीय और पंचांग गणनाएँ हैं जो सदियों से चली आ रही हैं।
क्या राहुकाल के दौरान मंदिर जा सकते हैं?
हाँ, आमतौर पर माना जाता है कि राहुकाल के दौरान पूजा-पाठ, मंदिर जाना, और आध्यात्मिक गतिविधियाँ आम तौर पर स्वीकार्य मानी जाती हैं। यह समय खासतौर पर नए सांसारिक कामों की शुरुआत के संदर्भ में देखा जाता है।
क्या अलग-अलग शहरों में चौघड़िया का समय बदलता है?
जी हाँ। चौघड़िया की गणना उस स्थान के सूर्योदय और सूर्यास्त के समय पर आधारित होती है। दिल्ली और मुंबई के सूर्योदय में फर्क होता है, इसलिए दोनों जगहों का चौघड़िया समय थोड़ा अलग रहेगा। इसीलिए हमेशा अपने शहर के अनुसार पंचांग देखें।
संक्षिप्त अस्वीकरण: यह लेख पारंपरिक भारतीय पंचांग और सांस्कृतिक मान्यताओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी और शैक्षिक उपयोग है। चौघड़िया और राहुकाल से जुड़ी जानकारी जानकारी पारंपरिक मान्यताओं और पंचांग गणनाओं पर आधारित है। किसी बड़े निर्णय के लिए किसी विश्वसनीय पंडित या ज्योतिषाचार्य से व्यक्तिगत सलाह लेना उचित रहता है।
टिप्पणी छोड़ें