Choghadiya Today Rajkot Friday, 29 May 2026 आज का शुभ चौघड़िया समय और राहुकाल

Choghadiya Today Rajkot Friday, 29 May 2026 आज का शुभ चौघड़िया समय और राहुकाल
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राजकोट में रहने वाले लोग सुबह उठते ही अक्सर एक काम करते हैं। पंचांग देखते हैं।

या किसी से पूछते हैं कि आज कौन सा चौघड़िया है। यह कोई पुरानी आदत नहीं है जो अब खत्म हो गई हो।

आज भी घर में शादी की बात हो, दुकान खोलनी हो, सफर पर जाना हो, या बस एक नया काम शुरू करना हो, चौघड़िया का समय देखा जाता है।

शुक्रवार, 29 मई 2026 का दिन राजकोट के लिए खास है।

शुक्रवार को वैसे भी शुक्र ग्रह का दिन माना जाता है। कई मान्यताओं में यह दिन प्रेम, सौंदर्य, व्यापार और सामाजिक संबंधों के लिए पारंपरिक रूप से अनुकूल माना जाता है।

तो आज का पूरा चौघड़िया विवरण यहाँ दिया गया है, राजकोट के सूर्योदय और सूर्यास्त समय के आधार पर।

राजकोट में आज का सूर्योदय और सूर्यास्त

राजकोट गुजरात में स्थित है। यहाँ 29 मई 2026 को सूर्योदय सुबह करीब 6:03 बजे और सूर्यास्त शाम 7:32 बजे के आसपास होगा।

दिन की कुल अवधि लगभग 13 घंटे 29 मिनट की रहेगी।

चौघड़िया गणना इसी सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच के समय को 8 बराबर भागों में बाँटकर की जाती है।

हर भाग लगभग 1 घंटा 41 मिनट का होता है दिन के लिए। रात का चौघड़िया सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक का समय होता है।

आज का दिन और रात का चौघड़िया, राजकोट

राजकोट के लिए दिन और रात का शुभ चौघड़िया समय

दिन का चौघड़िया

चौघड़िया समय
चर 06:03 – 07:44
लाभ 07:44 – 09:25
अमृत 09:25 – 11:06
काल 11:06 – 12:48
शुभ 12:48 – 14:29
रोग 14:29 – 16:10
उद्वेग 16:10 – 17:51
चर 17:51 – 19:32

रात का चौघड़िया

चौघड़िया समय
रोग 19:32 – 21:11
काल 21:11 – 22:50
लाभ 22:50 – 00:29
उद्वेग 00:29 – 02:08
शुभ 02:08 – 03:47
अमृत 03:47 – 05:26
चर 05:26 – 06:03

राहुकाल का समय आज राजकोट में

राहुकाल को लेकर कई लोग थोड़ा सावधान रहते हैं। खासकर नया काम शुरू करने, यात्रा पर निकलने, या कोई बड़ा फैसला लेने से पहले।

शुक्रवार को राहुकाल आमतौर पर दोपहर की शुरुआत में पड़ता है। राजकोट में आज के सूर्योदय के आधार पर राहुकाल का समय इस प्रकार है:

 राहुकाल शुक्रवार, 29 मई 2026
राजकोट 10:44 बजे 12:26 बजे
इस समय नया काम, यात्रा या बड़े फैसले टालने की परंपरा है।

यह समय पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार टाला जाता है। इसे कई लोग सावधानी से लेते हैं, हालाँकि आपातकालीन या रोजमर्रा के काम इस दौरान बिना किसी रोक-टोक के होते रहते हैं।

चौघड़िया क्या होता है, सरल भाषा में

चौघड़िया शब्द दो शब्दों से बना है। "चतुर्थांश" यानी चौथाई, और "घड़ी" यानी समय का एक छोटा हिस्सा।

पुराने समय में घड़ी नहीं थी। समय को घड़ियों में नापा जाता था। एक घड़ी करीब 24 मिनट की होती थी। चार घड़ी मिलाकर एक चौघड़िया बनता था।

कुल 8 चौघड़िया होते हैं एक दिन में। इनके नाम हैं: उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग और उद्वेग फिर से।

हर चौघड़िया किसी न किसी ग्रह से जुड़ा माना जाता है, और उसी आधार पर उसकी प्रकृति तय होती है।

अमृत और शुभ को काफी उपयुक्त  माना जाता है। लाभ और चर भी उपयुक्त माने जाते हैं।

काल, रोग और उद्वेग को आमतौर पर नए कामों के लिए कम उपयुक्त माना जाता है।

हर चौघड़िया का मतलब क्या है

चौघड़िया परिचय तालिका
अमृत
सबसे शुभ माना जाता है। हर काम के लिए अनुकूल।
शुभ
शुभ कार्यों, विवाह और धार्मिक कामों के लिए उपयुक्त।
लाभ
व्यापार और आर्थिक कार्यों में उपयोगी माना जाता है।
चर
यात्रा और गतिशील कामों के लिए ठीक माना जाता है।
काल
नए कामों के लिए टाला जाता है। कुछ पारंपरिक मान्यताओं में विशेष कार्यों से जोड़ा जाता है ।
रोग
इस समय नया काम शुरू करना पारंपरिक रूप से अच्छा नहीं माना जाता।
उद्वेग
सावधानी से जुड़ा समय माना जाता है। नए कामों में सावधानी की सलाह।

शुक्रवार को कौन सा चौघड़िया पहले आता है

शुक्रवार को दिन की शुरुआत "चर" चौघड़िया से होती है। यह शुक्र ग्रह से जुड़ा माना जाता है।

चर को यात्रा और बदलाव वाले कामों के लिए उपयुक्त माना जाता है।

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दिन का तीसरा चौघड़िया आज "अमृत" है, जो सुबह करीब 9:25 से 11:06 तक रहेगा। कई लोग इसी समय अपने महत्वपूर्ण काम शुरू करना पसंद करते हैं। दोपहर में "शुभ" चौघड़िया 12:48 से 14:29 तक रहेगा।

शाम को काम करना हो तो 17:51 से 19:32 तक का "चर" चौघड़िया उपयोगी हो सकता है, खासकर यात्रा या बाहर के कामों के लिए।

आज के लिए खास मुहूर्त सुझाव

शुभ चौघड़िया और राहुकाल जानकारी

व्यापार शुरू करना या नई दुकान खोलना: अमृत चौघड़िया यानी सुबह 9:25 से 11:06 का समय कई लोग उपयुक्त मानते हैं।

घर से यात्रा पर निकलना: चर चौघड़िया में यात्रा करना पारंपरिक रूप से ठीक माना जाता है। सुबह 6:03 से 7:44 या शाम 17:51 से 19:32 के बीच निकल सकते हैं।

बैंक, कागजात, या कोई सरकारी काम: शुभ चौघड़िया दोपहर 12:48 से 14:29 तक अच्छा विकल्प माना जाता है।

रात का काम या देर से शुरुआत: रात 22:50 से 00:29 तक लाभ चौघड़िया है। जो लोग देर रात काम करते हैं, उनके लिए यह उपयुक्त माना जा सकता है।

राहुकाल यानी 10:44 से 12:26 बजे तक नए काम टालना उपयुक्त माना जाता है।

चौघड़िया और पंचांग का संबंध

पंचांग हिंदू कैलेंडर का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण ये पाँच तत्व होते हैं। चौघड़िया इसी पंचांग का हिस्सा है।

राजकोट में पंचांग की गणना मुख्यतः सूर्योदय के समय पर निर्भर करती है।

यही वजह है कि राजकोट का चौघड़िया दिल्ली, मुंबई या चेन्नई से थोड़ा अलग होगा। हर शहर का सूर्योदय अलग है, इसलिए चौघड़िया का समय भी अलग होता है।

पंचांग और ज्योतिष की पारंपरिक गणना के बारे में अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया पर हिंदू पंचांग पृष्ठ देखें।

राजकोट के लोग चौघड़िया कैसे इस्तेमाल करते हैं

व्यापार, शुभ कार्य और पारंपरिक मान्यताएँ

राजकोट एक व्यापारिक शहर है। यहाँ छोटे-बड़े व्यापारी, दुकानदार, और कारोबारी लोग बड़ी संख्या में हैं।

कई परिवारों में आज भी नई दुकान खोलने से पहले, नई गाड़ी लेने के बाद पहली बार निकालने से पहले, या घर में कोई शुभ कार्य करने से पहले पंचांग देखा जाता है।

इसे कई लोग सांस्कृतिक परंपरा के रूप में देखते हैं और यह इसे पारंपरिक मान्यताओं से जुड़ी प्रणाली माना जाता है।

यह एक सांस्कृतिक परंपरा है जो पीढ़ियों से चली आ रही है। कई लोग इसे मानसिक संतोष के लिए मानते हैं।

काम अच्छे समय में शुरू करने से सकारात्मक महसूस होता है, यह भावना काफी लोगों में होती है।

गुलिक काल और यमगंड काल का संक्षिप्त परिचय

राहुकाल के अलावा दो और समय होते हैं जिन्हें पारंपरिक रूप से सावधानी से देखा जाता है।

गुलिक काल शनि से जुड़ा माना जाता है। शुक्रवार को राजकोट में यह करीब 07:44 से 09:25 बजे के बीच रहेगा।

यमगंड काल को भी नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त माना जाता है। शुक्रवार को यह दोपहर बाद करीब 14:29 से 16:10 बजे के बीच पड़ता है।

इन दोनों समयों को बड़े आयोजनों में ध्यान में रखा जाता है, हालाँकि सामान्य दैनिक कामों पर इनका विशेष प्रभाव नहीं माना जाता।

सूर्योदय समय क्यों अलग होता है हर शहर में

  1. भारत एक बड़ा देश है। पूर्व से पश्चिम तक करीब 30 डिग्री देशांतर का फर्क है।
  2. इसी वजह से अरुणाचल प्रदेश में सूर्य राजकोट से करीब 2 घंटे पहले उगता है।
  3. राजकोट गुजरात के पश्चिमी हिस्से में है। यहाँ का सूर्योदय मध्य भारत से थोड़ा देर से होता है।
  4. इसीलिए राजकोट का चौघड़िया उज्जैन या भोपाल जैसे शहरों से थोड़ा अलग समय पर होगा।
  5. सूर्योदय और सूर्यास्त के सटीक समय के लिए timeanddate.com पर राजकोट का डेटा देखा जा सकता है।

आज शुक्रवार को क्या ध्यान रखें

शुक्रवार को माँ लक्ष्मी की पूजा की परंपरा कई घरों में है।

सुबह स्नान के बाद, अमृत चौघड़िया शुरू होने से पहले, यानी 9:25 बजे से पहले पूजा पूरी कर लेना कई लोग उपयुक्त मानते हैं।

व्यापार से जुड़े फैसले, जैसे नया माल मँगाना, साझेदारी तय करना, या बड़ा ऑर्डर देना, इन कामों के लिए अमृत या शुभ चौघड़िया का समय चुनना पारंपरिक दृष्टि से उचित माना जाता है।

बच्चों की परीक्षा है या कोई इंटरव्यू है? लाभ चौघड़िया यानी सुबह 7:44 से 9:25 के बीच निकलना कई लोगों को मानसिक संतोष देता है।

क्या रात का चौघड़िया भी काम करता है

हाँ, रात का चौघड़िया भी महत्त्वपूर्ण है। खासकर उन लोगों के लिए जो शाम के बाद काम करते हैं।

व्यापारी, दुकानदार, यात्री, सभी के लिए रात का चौघड़िया उतना ही उपयोगी होता है।

आज रात लाभ चौघड़िया रात 22:50 से 00:29 तक रहेगा।

अगर कोई रात में कोई महत्वपूर्ण काम करना चाहता है तो यह समय पारंपरिक रूप से उपयुक्त माना जाता है।

रात का अमृत चौघड़िया सुबह 03:47 से 05:26 तक है, जो रात के अंतिम पहर में आता है।

FAQ

राजकोट में आज का सबसे शुभ चौघड़िया कौन सा है?

आज दिन में अमृत चौघड़िया यानी सुबह 9:25 से 11:06 बजे को पारंपरिक रूप से सबसे अनुकूल माना जाता है। इसके बाद दोपहर में शुभ चौघड़िया यानी 12:48 से 14:29 भी  उपयुक्त माना जाता है। दोनों में से जो भी आपके काम के हिसाब से सही लगे, वह चुन सकते हैं।

राहुकाल में क्या बिल्कुल काम नहीं करना चाहिए?

राहुकाल में नए काम की शुरुआत, यात्रा का प्रस्थान, और बड़े फैसले लेने से पारंपरिक रूप से बचने की सलाह दी जाती है। लेकिन रोजमर्रा के काम जैसे खाना बनाना, दफ्तर में बैठकर काम करना, या बातचीत करना, इनमें कोई रोक नहीं होती। यह व्यक्तिगत आस्था और परंपरा पर आधारित है।

क्या राजकोट का चौघड़िया अहमदाबाद से अलग होता है?

हाँ, थोड़ा फर्क होता है। दोनों शहरों के बीच सूर्योदय के समय में कुछ मिनटों का अंतर है। राजकोट का सूर्योदय अहमदाबाद से लगभग 4 से 6 मिनट बाद होता है, इसलिए चौघड़िया की गणना भी थोड़ी अलग होती है। हर शहर के लिए स्थानीय सूर्योदय के आधार पर गणना करना अधिक उपयुक्त होता है।

चर चौघड़िया में यात्रा क्यों अच्छी मानी जाती है?

चर का मतलब होता है गतिशील या चलायमान। इसे बुध ग्रह से जुड़ा माना जाता है। बुध को यात्रा, संचार और व्यापार से जोड़ा जाता है। इसलिए पारंपरिक मान्यताओं में चर चौघड़िया में यात्रा शुरू करना उपयुक्त माना जाता है । यह पूरी तरह व्यक्तिगत आस्था का विषय है।

क्या हर काम के लिए चौघड़िया देखना जरूरी है?

जरूरी तो नहीं है। यह पूरी तरह आपकी इच्छा और आस्था पर निर्भर है। कई लोग बिना चौघड़िया देखे भी अपने काम सामान्य रूप से करते हैं। लेकिन जो लोग इसे मानते हैं, उनके लिए यह एक मानसिक तैयारी और आत्मविश्वास का जरिया बन जाता है। यह एक सांस्कृतिक परंपरा है, कोई बाध्यता नहीं।

अस्वीकरण: यह लेख पारंपरिक मान्यताओं, सांस्कृतिक प्रथाओं और ज्योतिषीय परंपराओं पर आधारित है। इसे केवल सामान्य जानकारी और शैक्षिक उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। किसी भी बड़े फैसले के लिए स्थानीय पंचांग या अनुभवी विशेषज्ञ से व्यक्तिगत परामर्श लेना उचित रहेगा।

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Shiv Kumar Pandit

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मैं, शिव कुमार पंडित, इस प्लेटफ़ॉर्म का Co-Founder और वरिष्ठ कंटेंट रिसर्चर हूं। मुझे भारतीय संस्कृति, शुभ मुहूर्त, चोघड़िया, पंचांग और पारंपरिक ज्ञान से जुड़े विषयों पर रिसर्च करना और सरल भाषा में जानकारी साझा करना पसंद है, ताकि हर पाठक आसानी से सही जानकारी समझ सके।

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