Aaj Ka Choghadiya Ujjain Saturday, 6 June 2026 आज का शुभ चौघड़िया, राहुकाल और मुहूर्त समय

Aaj Ka Choghadiya Ujjain Saturday, 6 June 2026 आज का शुभ चौघड़िया, राहुकाल और मुहूर्त समय
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Aaj Ka Choghadiya Ujjain Saturday, 6 June 2026 का दिन है।

सुबह उठते ही बहुत से लोगों के मन में पहला सवाल यही आता है कि आज का शुभ समय कौन-सा है।

उज्जैन में यह परंपरा बहुत पुरानी है। यहाँ के लोग दुकान खोलने से पहले, यात्रा निकलने से पहले, या कोई नया काम शुरू करने से पहले चौघड़िया जरूर देखते हैं।

यहाँ आज का पूरा विवरण एक ही जगह रखा है।

दिन और रात दोनों के चौघड़िया, राहुकाल, यमगंड, गुलिक काल और अभिजीत मुहूर्त — सब।

एक बात पहले ही कह दूँ। ये समय पारंपरिक पंचांग गणना पर आधारित हैं और  उज्जैन के स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त समय को आधार मानकर तैयार किए गए हैं  

शहर बदलने पर समय थोड़ा अलग हो सकता है।

उज्जैन का आज का पंचांग संक्षेप

शनिवार को पंचांग की कुछ बुनियादी जानकारी पहले देख लेना ठीक रहता है।

उज्जैन मध्य प्रदेश में है और इसका अक्षांश लगभग 23.18° उत्तर है। जून में यहाँ सूर्योदय जल्दी होता है और सूर्यास्त देर से।

विवरणसमय / जानकारी
दिनशनिवार
तिथिद्वादशी, ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष
सूर्योदय05:42 बजे
सूर्यास्त07:12 बजे
नक्षत्रउत्तराफाल्गुनी
वारशनिवार (शनि)
उज्जैन में सूर्योदय और सूर्यास्त के स्थानीय समय की जानकारी आप timeanddate.com पर भी देख सकते हैं।

चौघड़िया क्या होता है थोड़ा सा समझाएँ

चौघड़िया यानी "चार घड़ी" का समय।

दिन के कुल समय को 8 बराबर भागों में बाँटा जाता है। रात को भी 8 भागों में। हर भाग का एक नाम होता है और उसका एक स्वभाव।

कुछ समय पारंपरिक रूप से अनुकूल माने जाते हैं, जबकि कुछ समय में सावधानी बरतना उपयुक्त माना जाता है।

शनिवार को दिन का पहला चौघड़िया "काल" से शुरू होता है क्योंकि शनि इस दिन के स्वामी हैं और शनि का पहला चौघड़िया काल रहता है।

यह पंचांग की परंपरागत गणना है।

दिन चौघड़िया शनिवार, 6 जून 2026 (उज्जैन)

दिन चौघड़िया

चौघड़ियासमय
काल 05:42 – 07:12
शुभ 07:12 – 08:43
रोग 08:43 – 10:13
उद्वेग 10:13 – 11:43
चर 11:43 – 13:13
लाभ 13:13 – 14:43
अमृत 14:43 – 16:13
काल 16:13 – 17:42

चौघड़िया का स्वभाव

नामप्रकृति
अमृत पारंपरिक रूप से अत्यधिक अनुकूल
शुभ पारंपरिक रूप से अनुकूल
लाभ व्यापार और लेन-देन से जुड़े कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है
चर यात्रा के लिए उपयुक्त
उद्वेग महत्त्वपूर्ण कार्यों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है
रोग नए कार्यों की शुरुआत के लिए कम अनुकूल माना जाता है
काल सावधानी रखें

रात चौघड़िया शनिवार, 6 जून 2026 (उज्जैन)

रात चौघड़िया

चौघड़ियासमय
शुभ 19:12 – 20:42
अमृत 20:42 – 22:12
चर 22:12 – 23:42
रोग 23:42 – 01:12
काल 01:12 – 02:42
लाभ 02:42 – 04:12
उद्वेग 04:12 – 05:42

रात के शुभ समय

चौघड़ियाउपयुक्त काम
शुभ शाम की पूजा, नए संकल्प
अमृत महत्त्वपूर्ण निर्णय, धार्मिक कार्य
लाभ व्यापारिक बात, योजना बनाना
चर यात्रा की तैयारी

राहुकाल आज उज्जैन में

शनिवार को राहुकाल सुबह के समय में आता है।

राहुकाल को पारंपरिक रूप से नए और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए  कम अनुकूल माना जाता है।

यह मान्यता पंचांग परंपरा से आती है और बहुत से परिवारों में इसे ध्यान में रखा जाता है।

काल का नामसमय (उज्जैन)
राहुकाल 09:00 – 10:30
यमगंड 13:30 – 15:00
गुलिक काल 06:00 – 07:30
अभिजीत मुहूर्त 11:52 – 12:46

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल ये तीनों समय पारंपरिक पंचांग में सावधानी के समय माने जाते हैं।

अभिजीत मुहूर्त को पारंपरिक रूप से अनुकूल माना जाता है और यह लगभग हर दिन दोपहर के आसपास आता है।

अभिजीत मुहूर्त आज के संदर्भ में अभिजीत मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त आज क्यों खास है

दोपहर 11:52 से 12:46 तक का यह समय कई लोगों के लिए उपयोग में लिया जाता है।

जब कोई और शुभ चौघड़िया नहीं मिल रहा हो, तो अभिजीत मुहूर्त एक विकल्प के रूप में उपयोग में आता है।

पंचांग परंपरा में इसे पारंपरिक रूप से काफी अनुकूल माना जाता है।

बुधवार को यह मुहूर्त नहीं होता यह एक रोचक अपवाद है जो पंचांग में बताया जाता है।

शनिवार से जुड़ी कुछ पारंपरिक मान्यताएँ"शनिवार शनि देव का दिन है।

कुछ परंपराओं में इस दिन लोहे से जुड़े काम, तेल लगाना, शनि की पूजा-पाठ को उपयुक्त माना जाता है।

कुछ काम जो पारंपरिक रूप से शनिवार को किए जाते हैं:

  1. शनि देव की पूजा
  2. सरसों के तेल का दीपक जलाना
  3. गरीबों को भोजन कराना
  4. नीले या काले रंग के वस्त्र पहनना
  5. पीपल के पेड़ में जल चढ़ाना

यह सब परंपरागत मान्यताएँ हैं। इन्हें आस्था और श्रद्धा के साथ देखा जाता है।

आज के शुभ मुहूर्त की सूची

सुबह का शुभ समय

शुभ चौघड़िया: 07:12 से 08:43 बजे तक।
नए कार्य आरंभ करने या व्यापार से जुड़े निर्णयों के लिए के लिए कई लोग इस समय को उपयोगी मानते हैं।

दोपहर का शुभ समय

लाभ + अमृत: 13:13 से 16:13 बजे तक।
यह  दिन का अपेक्षाकृत लंबा अनुकूल समयखंड माना जाता है। इसमें लाभ और अमृत दोनों चौघड़िया आते हैं।

अभिजीत मुहूर्त

समय: 11:52 से 12:46 बजे तक।
जब कोई और विकल्प न हो तो यह समय  कई लोग इसे उपयुक्त मानते हैं।

शाम का शुभ समय

रात का शुभ: 19:12 से 20:42 बजे तक।
शाम की पूजा, धार्मिक कार्यक्रम या परिवार के साथ कोई निर्णय लेने के लिए।

किस काम के लिए कौन-सा समय

यह सवाल बहुत लोग पूछते हैं।

हर चौघड़िया किसी खास काम के लिए ज्यादा उचित माना जाता है — यह परंपरागत मान्यता है।

चौघड़ियाकिस काम के लिए उचित माना जाता है
अमृतहर तरह के शुभ काम, पूजा, विवाह संबंधी चर्चा
शुभनया व्यापार, पढ़ाई शुरू करना, संकल्प लेना
लाभखरीदारी, निवेश की योजना, व्यापार बैठक
चरयात्रा, वाहन संबंधी काम, स्थान परिवर्तन
उद्वेगसरकारी काम, दस्तावेज — नए काम नहीं
रोगआमतौर पर टाला जाता है
कालकुछ मान्यताओं में तंत्र-मंत्र के लिए, शुभ काम नहीं

पंचांग और उज्जैन का संबंध

उज्जैन का पंचांग परंपरा में बहुत खास स्थान है।

यहाँ महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग है और यह शहर सदियों से ज्योतिष का केंद्र रहा है।

विक्रम संवत की शुरुआत उज्जैन से मानी जाती है।

बहुत से पंचांग उज्जैन के मध्याह्न को आधार मानकर बनाए जाते हैं। यही कारण है कि उज्जैन का चौघड़िया मध्य भारत के कई क्षेत्रों में संदर्भ के रूप में देखा जाता है।

पंचांग की अधिक जानकारी के लिए आप Drik Panchang देख सकते हैं।

राहुकाल के बारे में एक जरूरी बात

राहुकाल हर दिन अलग-अलग समय पर होता है।

शनिवार को यह सुबह 09:00 से 10:30 के बीच रहता है।

बहुत से लोग इस दौरान कोई नया काम शुरू नहीं करते।

कई लोग इस समय नए कार्यों की शुरुआत में सावधानी बरतना उपयुक्त मानते हैं

लेकिन यह पूरी तरह आपकी आस्था और विश्वास पर निर्भर है।

यमगंड और गुलिक काल क्या होता है इनमें फर्क

ये दोनों भी राहुकाल जैसे ही पारंपरिक रूप से सावधानी के समय हैं।

  • यमगंड — यमराज से जुड़ा माना जाता है। शनिवार को दोपहर 13:30 से 15:00 तक।
  • गुलिक काल — शनि के पुत्र गुलिक से संबंधित। आज सुबह 06:00 से 07:30 तक।

इन तीनों राहुकाल, यमगंड, गुलिक काल को एक साथ "अशुभ काल" नहीं कहा जाता। बस नए और महत्वपूर्ण कामों में सावधानी बरती जाती है।

चौघड़िया कैसे गिनते हैं थोड़ी पंचांग गणित

यह समझना जरूरी नहीं है, पर रोचक जरूर है।

दिन के कुल मिनट (सूर्योदय से सूर्यास्त) को 8 से भाग दिया जाता है।

उज्जैन में आज सूर्योदय 05:42 और सूर्यास्त 19:12 है।

कुल दिन = 810 मिनट। प्रत्येक चौघड़िया = लगभग 90 मिनट।

शनिवार के लिए पहला चौघड़िया काल से शुरू होता है।

क्रम इस तरह चलता है: काल, शुभ, रोग, उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल।

रात के लिए सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक की गणना होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

शनिवार 6 जून 2026 को उज्जैन में राहुकाल कब है?

आज उज्जैन में राहुकाल सुबह 09:00 बजे से 10:30 बजे तक है। इस दौरान पारंपरिक रूप से नए कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। यह मान्यता पंचांग परंपरा पर आधारित है।

आज का सबसे शुभ कौन सा है?

आज दोपहर 14:43 से 16:13 के बीच अमृत चौघड़िया है। यह पारंपरिक रूप से दिन का सबसे अनुकूल समय माना जाता है। सुबह 07:12 से 08:43 तक का शुभ चौघड़िया भी उपयोगी रहता है।

क्या शनिवार को यात्रा करना शुभ है?

पंचांग में चर चौघड़िया यात्रा के लिए उचित माना जाता है। आज चर चौघड़िया दोपहर 11:43 से 13:13 तक है।  कई लोग यात्रा के समय राहुकाल को भी ध्यान में रखते हैं।

अभिजीत मुहूर्त आज कितने बजे है?

आज उज्जैन में अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:52 से 12:46 बजे तक है। जब किसी विशेष काम के लिए कोई और चौघड़िया उचित न लगे, तो यह मुहूर्त काफी उपयोगी माना जाता है।

गुलिक काल और राहुकाल में क्या अंतर है?

दोनों पंचांग में सावधानी के समय हैं। राहुकाल राहु ग्रह से जुड़ा है और गुलिक काल शनि के पुत्र गुलिक से। दोनों में नए कार्य न करने की परंपरागत सलाह होती है, पर  इनसे संबंधित पारंपरिक मान्यताएँ अलग-अलग बताई जाती हैं।

एक आखिरी बात

चौघड़िया और पंचांग एक पुरानी और समृद्ध परंपरा का हिस्सा हैं।

उज्जैन जैसे शहर में जहाँ धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का विशेष महत्व है, वहाँ समय देखकर काम करना एक स्वाभाविक आदत है।

इन परंपराओं का पालन करना या न करना व्यक्तिगत आस्था और पसंद पर निर्भर करता है।

और कई लोग इन समयों को दैनिक योजना और सांस्कृतिक परंपरा के एक हिस्से के रूप में देखते हैं।

अस्वीकरण: यह लेख पारंपरिक पंचांग और सांस्कृतिक मान्यताओं पर आधारित है। यहाँ दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचना और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। चौघड़िया, राहुकाल, यमगंड, गुलिक काल और अन्य मुहूर्त संबंधी मान्यताएँ विभिन्न क्षेत्रों, परिवारों और परंपराओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।

यह लेख साझें

Shiv Kumar Pandit

Shiv Kumar Pandit

सत्यापित
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मैं, शिव कुमार पंडित, इस प्लेटफ़ॉर्म का Co-Founder और वरिष्ठ कंटेंट रिसर्चर हूं। मुझे भारतीय संस्कृति, शुभ मुहूर्त, चोघड़िया, पंचांग और पारंपरिक ज्ञान से जुड़े विषयों पर रिसर्च करना और सरल भाषा में जानकारी साझा करना पसंद है, ताकि हर पाठक आसानी से सही जानकारी समझ सके।

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