Aaj Ka Panchang Choghadiya Today 6 June 2026, आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं, यात्रा पर जाने की योजना बना रहे हैं, या कोई जरूरी खरीदारी करना चाहते हैं, उनके लिए आज का पंचांग चौघड़िया जानना काफी उपयोगी रहेगा। वडोदरा चौघड़िया टुडे और गुजरात चौघड़िया टुडे की जानकारी नीचे विस्तार से दी गई है।
यह जानकारी प्रतिदिन पंचांग स्रोतों की सहायता से अपडेट की जाती है।
6 जून 2026 को वडोदरा में अमृत चौघड़िया सुबह 15:00 से दोपहर 16:30 तक रहेगा। शुभ चौघड़िया दोपहर 01:42 से 03:12 तक रहेगा। राहुकाल सुबह 09:06 से 10:42 तक रहेगा। शुभ कार्यों के लिए अमृत और शुभ चौघड़िया को पारंपरिक रूप से उचित माना जाता है।
प्रकाशन से पहले समय पुनः सत्यापित करें क्योंकि स्थानीय गणना में अंतर हो सकता है।
आज का पंचांग संक्षेप - 6 जून 2026
| पंचांग विवरण | जानकारी |
|---|---|
| दिनांक | 6 जून 2026 |
| वार | शनिवार |
| तिथि | द्वादशी |
| नक्षत्र | उत्तर भाद्रपद |
| सूर्योदय | 06:00 (वडोदरा) |
| सूर्यास्त | 19:17 (वडोदरा) |
वडोदरा दिन का चौघड़िया 6 जून 2026
शनिवार को दिन का पहला चौघड़िया काल से शुरू होता है। शनि ग्रह के प्रभाव से इस दिन चौघड़िया क्रम थोड़ा अलग रहता है।
कई व्यापारी आज भी दुकान खोलने से पहले चौघड़िया देखते हैं, खासकर शनिवार के दिन।
| क्रम | चौघड़िया | समय | स्वभाव |
|---|---|---|---|
| 1 | काल | 06:00 - 07:30 | अशुभ |
| 2 | शुभ | 07:30 - 09:00 | शुभ |
| 3 | रोग | 09:00 - 10:30 | अशुभ |
| 4 | उद्वेग | 10:30 - 12:00 | अशुभ |
| 5 | चर | 12:00 - 13:30 | सामान्य |
| 6 | लाभ | 13:30 - 15:00 | शुभ |
| 7 | अमृत | 15:00 - 16:30 | अत्यंत शुभ |
| 8 | काल | 16:30 - 18:00 | अशुभ |
नोट: समय वडोदरा के सूर्योदय पर आधारित है। स्थानीय भिन्नता संभव है।
वडोदरा रात का चौघड़िया - 6 जून 2026
कुछ परिवार यात्रा शुरू करने से पहले शुभ समय देखना पसंद करते हैं, और रात की यात्रा के लिए रात का चौघड़िया काम आता है।
रात का चौघड़िया सूर्यास्त के बाद शुरू होता है।
| क्रम | चौघड़िया | समय | स्वभाव |
|---|---|---|---|
| 1 | शुभ | 19:17 - 20:47 | शुभ |
| 2 | अमृत | 20:47 - 22:17 | अत्यंत शुभ |
| 3 | चर | 22:17 - 23:47 | सामान्य |
| 4 | रोग | 23:47 - 01:17 | अशुभ |
| 5 | काल | 01:17 - 02:47 | अशुभ |
| 6 | लाभ | 02:47 - 04:17 | शुभ |
| 7 | उद्वेग | 04:17 - 05:47 | अशुभ |
वडोदरा राहुकाल और अशुभ काल 6 जून 2026
शनिवार को राहुकाल सुबह के समय में रहता है। इस दौरान कोई बड़ा शुभ कार्य शुरू करने से पारंपरिक रूप से बचने की सलाह दी जाती है।
वडोदरा राहुकाल टुडे की जानकारी नीचे तालिका में है।
| अशुभ काल | समय | विवरण |
|---|---|---|
| राहुकाल | 09:06 - 10:42 | शनिवार को सुबह का समय |
| यमगंड | 13:54 - 15:30 | दोपहर बाद का समय |
| गुलिक काल | 06:00 - 07:36 | सूर्योदय के तुरंत बाद |
प्रकाशन से पहले समय पुनः सत्यापित करें क्योंकि स्थानीय गणना में अंतर हो सकता है।
आज का अभिजीत मुहूर्त - वडोदरा मुहूर्त टुडे
अभिजीत मुहूर्त दैनिक पंचांग का एक खास हिस्सा माना जाता है।
यह हर दिन दोपहर के आसपास करीब 48 मिनट के लिए रहता है। 6 जून 2026 को वडोदरा में अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:52 से 12:47 तक रहेगा।
कई लोग इसे छोटे लेकिन जरूरी कामों के लिए, जैसे नया सौदा तय करना या कोई महत्वपूर्ण बात करना, उपयुक्त मानते हैं। पारंपरिक मान्यताओं में इसे एक अनुकूल समय माना जाता है।
रविवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता, लेकिन शनिवार को यह सामान्य रूप से मान्य रहता है।
चौघड़िया क्या होता है संक्षिप्त परिचय
चौघड़िया शब्द दो हिस्सों से बना है। "चो" यानी चार और "घड़िया" यानी घड़ी। यानी हर चौघड़िया लगभग डेढ़ घंटे का एक समय खंड होता है।
दिन को 8 और रात को 8, इस तरह पूरे दिन में कुल 16 चौघड़िया होते हैं।
हर चौघड़िया से एक ग्रह जुड़ा होता है और उसी के आधार पर उसका स्वभाव तय होता है।
- अमृत - पारंपरिक रूप से काफी अनुकूल माना जाता है
- शुभ - शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त
- लाभ - व्यापार के लिए अच्छा माना जाता है
- चर - यात्रा के लिए उपयुक्त
- रोग - आमतौर पर टाला जाता है
- काल - अशुभ माना जाता है
- उद्वेग - इसमें भी काम टाले जाते हैं
यह व्यवस्था सदियों पुरानी है और आज भी कई घरों में इसका पालन किया जाता है।
शुभ चौघड़िया में कौन से काम करने की परंपरा है
हर चौघड़िया सब कामों के लिए एक जैसा नहीं माना जाता।
परंपरागत रूप से अलग-अलग चौघड़ियों में अलग-अलग कामों को उपयुक्त बताया गया है।
- अमृत चौघड़िया में - नया व्यवसाय, विवाह संबंधी बातचीत, गृह प्रवेश जैसे कामों को शुरू करना उचित माना जाता है।
- शुभ चौघड़िया में - विद्या आरंभ, पूजा, मांगलिक कार्य।
- लाभ चौघड़िया में - व्यापार, नई साझेदारी, निवेश से जुड़े निर्णय।
- चर चौघड़िया में - यात्रा, वाहन खरीद, स्थान बदलना।
अशुभ चौघड़िया जैसे रोग, काल और उद्वेग में नए कामों से बचने की परंपरा है।
हालांकि, यह पूरी तरह परंपरा पर आधारित है और हर व्यक्ति इसे अपनी श्रद्धा के अनुसार मानता है।
राहुकाल और चौघड़िया में क्या अंतर है
यह सवाल अक्सर लोग पूछते हैं। राहुकाल और चौघड़िया दोनों अलग-अलग चीजें हैं।
राहुकाल एक अलग ज्योतिषीय गणना है जो हर दिन एक निश्चित डेढ़ घंटे की अवधि होती है।
यह राहु ग्रह से जुड़ा होता है और इसे शुभ कार्यों के लिए उचित नहीं माना जाता।
चौघड़िया एक अलग समय विभाजन प्रणाली है जो पूरे दिन और रात को 16 भागों में बांटती है।
दोनों एक साथ देखे जाते हैं। अगर कोई चौघड़िया शुभ है लेकिन उसी समय राहुकाल भी है।
तो उस समय का उपयोग सावधानी से किया जाता है। वडोदरा राहुकाल टुडे की जानकारी ऊपर दी गई तालिका में देखी जा सकती है।
शनिवार के चौघड़िया की खासियत
शनिवार शनि ग्रह का दिन है। इस दिन दिन का पहला चौघड़िया "काल" से शुरू होता है।
इसीलिए कई लोग शनिवार को दिन की शुरुआत में कोई नया काम करने से बचते हैं।
लेकिन दोपहर बाद अमृत और शुभ चौघड़िया आने पर परिस्थिति बदल जाती है।
शनिवार की दोपहर और शाम का समय कई कामों के लिए उचित माना जाता है।
गुजरात और राजस्थान के कई व्यापारी शनिवार को लोहे, तेल या काले रंग की चीजों की खरीदारी के लिए शुभ मानते हैं।
यह स्थानीय परंपराओं पर निर्भर करता है।
वडोदरा और अन्य शहरों में चौघड़िया का अंतर
वडोदरा चौघड़िया टुडे और गुजरात चौघड़िया टुडे की जानकारी एक जैसी लग सकती है।
लेकिन सूर्योदय के समय में थोड़ा अंतर होने से चौघड़िया के समय भी बदल जाते हैं।
जैसे वडोदरा में सूर्योदय सुबह 6:00 पर है, तो पहला चौघड़िया वहीं से शुरू होता है।
लेकिन अहमदाबाद में सूर्योदय 5:58 पर हो सकता है, तो वहां का पहला चौघड़िया 2 मिनट पहले शुरू होगा।
इसीलिए हर शहर के लिए चौघड़िया की गणना अलग होती है।
सटीक समय के लिए Drik Panchang जैसे विश्वसनीय स्रोत की मदद लेना सही रहता है।
दैनिक पंचांग क्यों देखते हैं लोग
दैनिक पंचांग देखने की परंपरा सैकड़ों साल पुरानी है। पहले गांवों में पंडित जी से पूछकर मुहूर्त निकाला जाता था।
अब यही काम ऑनलाइन हो जाता है।
शुभ मुहूर्त और शुभ समय देखने की परंपरा आज भी कई परिवारों में प्रचलित है।
शादी की तारीख हो, नई दुकान का उद्घाटन हो, या घर खरीदने का फैसला, ज्योतिषीय गणना से पंचांग देखने की परंपरा आज भी चलती है।
कई लोग इसे सांस्कृतिक और पारिवारिक परंपरा के रूप में देखते हैं। कई लोग इसे सांस्कृतिक पहचान और पारिवारिक परंपरा के रूप में मानते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या शनिवार को रोग चौघड़िया से दिन शुरू होता है?
शनिवार को दिन का पहला चौघड़िया "काल" से शुरू होता है, रोग से नहीं। हर वार का अपना एक निश्चित क्रम होता है जो सूर्योदय से शुरू होकर पूरे दिन चलता है।
क्या चौघड़िया और राहुकाल अलग होते हैं?
हां, दोनों बिल्कुल अलग गणनाएँ हैं। राहुकाल एक निश्चित डेढ़ घंटे की अवधि है जो राहु ग्रह से जुड़ी है। चौघड़िया पूरे दिन और रात का 16 भागों में विभाजन है। दोनों को अलग-अलग देखा जाता है।
क्या सभी शहरों में चौघड़िया का समय एक जैसा होता है?
नहीं, हर शहर में सूर्योदय का समय अलग होता है, इसलिए चौघड़िया का समय भी अलग रहता है। वडोदरा, अहमदाबाद, सूरत और मुंबई में यह अंतर कुछ मिनटों से लेकर आधे घंटे तक हो सकता है।
क्या अभिजीत मुहूर्त हर दिन होता है?
लगभग हर दिन अभिजीत मुहूर्त होता है, लेकिन बुधवार को इसे विशेष रूप से शुभ माना जाता है। रविवार को अभिजीत मुहूर्त को लेकर मत अलग-अलग हैं, इसलिए उस दिन स्थानीय पंचांग से पुष्टि करना बेहतर रहता है।
क्या चर चौघड़िया सिर्फ यात्रा के लिए होता है?
चर चौघड़िया को मुख्य रूप से यात्रा और स्थान परिवर्तन के लिए उपयुक्त माना जाता है। इसके अलावा वाहन से जुड़े काम और नई जगह जाने की शुरुआत के लिए भी इसे ठीक माना जाता है।
संदर्भ स्रोत
सटीक और अद्यतन चौघड़िया, राहुकाल और पंचांग जानकारी के लिए आप Drik Panchang और Time and Date जैसे विश्वसनीय स्रोतों की मदद ले सकते हैं। ये स्रोत शहर के अनुसार सटीक सूर्योदय और सूर्यास्त पर आधारित जानकारी देते हैं।
अस्वीकरण: यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी और सांस्कृतिक संदर्भ के लिए है। यहां दी गई जानकारी पारंपरिक मान्यताओं और पंचांग स्रोतों पर आधारित है। इसे किसी धार्मिक या व्यक्तिगत निर्णय का एकमात्र आधार न बनाएं।
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