सूरत में 25 मई 2026 का सूर्योदय और सूर्यास्त
सूरत गुजरात में स्थित है और यहाँ का सूर्योदय और सूर्यास्त का समय मुंबई या दिल्ली से थोड़ा अलग होता है।
चौघड़िया की गणना सीधे सूर्योदय और सूर्यास्त के समय पर निर्भर करती है।
25 मई 2026, सूरत:
- सूर्योदय: प्रातः 6 बजकर 3 मिनट
- सूर्यास्त: सायं 7 बजकर 19 मिनट
दिन की कुल अवधि लगभग 13 घंटे 16 मिनट है। इसी आधार पर दिन के 8 चौघड़िया और रात के 8 चौघड़िया बनते हैं।
चौघड़िया क्या होता है, यह जल्दी समझें
चौघड़िया यानी "चार घड़ी" का समय। एक घड़ी पारंपरिक रूप से 24 मिनट की होती है, तो चार घड़ी मिलकर लगभग डेढ़ घंटे का एक चौघड़िया बनाते हैं।
हर चौघड़िया किसी एक ग्रह के प्रभाव में माना जाता है और उसी के आधार पर उसे शुभ, मध्यम या कम अनुकूल माना जाता है। यह वर्गीकरण इस प्रकार है:
- अमृत (चंद्रमा): पारंपरिक रूप से काफी शुभ माना जाता है
- शुभ (गुरु): शुभ कार्यों के लिए अच्छा
- लाभ (बुध): व्यापार और धन के लिए उपयुक्त
- चर (शुक्र): यात्रा के लिए काफी ठीक माना जाता है
- उद्वेग (सूर्य): सरकारी काम के लिए ठीक, बाकी के लिए मध्यम
- काल (शनि): आमतौर पर अशुभ माना जाता है
- रोग (मंगल): अशुभ माना जाता है
सोमवार का स्वामी चंद्रमा है, इसलिए सोमवार को "अमृत" चौघड़िया कई लोग अधिक महत्त्वपूर्ण मानते हैं।
सोमवार 25 मई 2026 सूरत का दिन चौघड़िया
सोमवार 25 मई 2026 सूरत का रात चौघड़िया
सूरत में आज का राहुकाल 25 मई 2026
राहुकाल के बारे में एक बात साफ कर देना ज़रूरी है। यह कोई नकारात्मक रूप से देखने की आवश्यकता नहीं है।
पारंपरिक मान्यताओं में राहुकाल को नए कार्यों की शुरुआत के लिए उचित नहीं माना जाता, लेकिन रोज़मर्रा के काम, खाना-पीना, पढ़ाई, बात-चीत, ये सब इसमें भी चलते रहते हैं।
सोमवार को राहुकाल की स्थिति इस प्रकार पारंपरिक रूप से मानी जाती है:
सोमवार को राहुकाल सूर्योदय के बाद दूसरे चौघड़िया में पड़ता है। इस दौरान नई शुरुआत से बचना कई लोग उचित मानते हैं।
गुलिक काल और यमगंड भी जानें
बहुत से लोग सिर्फ राहुकाल पर ध्यान देते हैं, पर पंचांग में गुलिक काल और यमगंड का भी उल्लेख होता है।
ये तीनों मिलकर दिन के उन हिस्सों की जानकारी देते हैं जिनमें नई शुरुआत से कई लोग बचते हैं।
आज का अभिजीत मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त को पंचांग में एक विशेष महत्त्व वाला समय माना जाता है। यह दोपहर में सूर्य की उच्चतम स्थिति के आसपास होता है।
सोमवार को अभिजीत मुहूर्त रविवार को छोड़कर लगभग हर दिन माना जाता है।
25 मई 2026, सूरत में अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:01 – 12:56
इस समय में शुरू किया गया महत्त्वपूर्ण कार्य, जैसे कि नया व्यापार, समझौता, या कोई ज़रूरी निर्णय, कई लोग शुभ मानते हैं।
सोमवार को चौघड़िया का खास महत्व
सोमवार यानी चंद्रमा का दिन। और चंद्रमा का चौघड़िया "अमृत" होता है।
इसीलिए सोमवार को सुबह का पहला चौघड़िया यानी अमृत, दोपहर बाद का चर, शाम का लाभ और अमृत, ये सब मिलकर इस दिन कोकई कार्यों के लिए उपयुक्त माना जाता है।
सूरत में व्यापारी वर्ग, खासकर कपड़ा और हीरा व्यवसाय से जुड़े लोग, सोमवार के अमृत चौघड़िया में काम का पहला लेन-देन करना पसंद करते हैं।
यह एक पारंपरिक व्यावसायिक आदत के रूप में भी देखा जाता है।
कौन से काम किस चौघड़िया में करें
यह सवाल काफी लोग पूछते हैं। और जवाब इतना जटिल नहीं है।
अमृत चौघड़िया में: नया काम शुरू करना, सौदा करना, विवाह की बात करना, यात्रा शुरू करना, इनमें से कोई भी काम कई लोग इस समय में करते हैं।
शुभ चौघड़िया में: पूजा, धार्मिक कार्य, नया अनुबंध, शिक्षा से जुड़े काम।
लाभ चौघड़िया में: व्यापार, खरीद-बिक्री, नई नौकरी में ज्वाइन करना।
चर चौघड़िया में: यात्रा के लिए पारंपरिक रूप से अच्छा माना जाता है।
उद्वेग में: सरकारी दफ्तर जाना ठीक माना जाता है, बाकी कार्य मध्यम।
काल और रोग में: नए काम से बचना ही उचित माना जाता है;यह पारंपरिक मान्यता है।
सूरत के लिए चौघड़िया क्यों अलग होता है
यह एक ज़रूरी बात है जो अक्सर लोग नज़रअंदाज़ करते हैं।
सूरत का अक्षांश और देशांतर मुंबई, दिल्ली या जयपुर से अलग हैं। इसलिए सूरत का सूर्योदय और सूर्यास्त का समय भी थोड़ा अलग होता है।
और जब सूर्योदय का समय बदलता है, तो चौघड़िया के सभी खाने भी उसी अनुपात में बदल जाते हैं।
सूरत का अक्षांश लगभग 21.17° उत्तर है। इसी के हिसाब से मई महीने में यहाँ सूर्योदय दिल्ली से कुछ देर बाद होता है। इसलिए जो चौघड़िया दिल्ली में सुबह 5:30 से शुरू होता है, वह सूरत में 6:03 से शुरू होगा।
अगर आप किसी ऐप या वेबसाइट पर सामान्य चौघड़िया देखते हैं और शहर नहीं बदलते, तो समय में अंतर आ सकता है। इस बात का ध्यान रखें।
आज के दिन के लिए व्यावहारिक सलाह
कुछ सीधी और उपयोगी बातें:
सुबह 6:03 से 7:40 तक अमृत चौघड़िया है। यह दिन का पहला उपयुक्त समय माना जाता है।
अगर कोई नया काम शुरू करना हो, तो यह सुबह का वक्त कई लोगों की पहली पसंद होती है।
सुबह 7:40 से 9:17 तक राहुकाल भी है और काल चौघड़िया भी है।
यह दोनों मिलकर इस समय को नई शुरुआत के लिए पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार उचित नहीं बनाते।
दोपहर 3:45 से 5:22 तक लाभ चौघड़िया है। व्यापार से जुड़े काम, नई साझेदारी, या कोई वित्तीय निर्णय, इस समय में कई व्यापारी वर्ग के लोग पसंद करते हैं।
शाम 5:22 से 7:00 तक फिर से अमृत चौघड़िया आता है। यह दिन का आखिरी और बेहद उपयुक्त माना जाने वाला समय है।
पंचांग और चौघड़िया एक संक्षिप्त समझ
पंचांग पाँच चीज़ों का मेल है: तिथि, वार, नक्षत्र, योग, और करण। चौघड़िया इसी पंचांग का एक हिस्सा है जो वार यानी दिन पर आधारित होता है।
25 मई 2026 की तिथि और नक्षत्र की पूरी जानकारी के लिए आप drikpanchang.com जैसे विश्वसनीय पंचांग स्रोत पर भी देख सकते हैं। यह एक भरोसेमंद और व्यापक रूप से उपयोग होने वाला पंचांग संदर्भ है।
पंचांग की विस्तृत जानकारी के लिए Wikipedia पर हिंदू पंचांग का लेख भी यह एक पुरानी सांस्कृतिक परंपरा है।
सूरत के व्यापारियों के लिए एक ज़रूरी बात
सूरत एक ऐसा शहर है जहाँ व्यापार दिन की पहली चाय के साथ शुरू हो जाता है।
यहाँ के हीरा कारीगर हों, कपड़ा व्यापारी हों, या छोटे दुकानदार, बहुत से लोग आज भी सुबह चौघड़िया देखकर अपनी दुकान का शटर खोलते हैं।
यह परंपरा है। इसे मानना या न मानना पूरी तरह व्यक्तिगत है।
पर यह समझना ज़रूरी है कि यह एक सांस्कृतिक धरोहर है जो लंबे समय से भारतीय जीवनशैली का हिस्सा रही है।
FAQ
क्या सोमवार को चौघड़िया देखना ज़रूरी है?
यह पूरी तरह आपकी आस्था पर निर्भर करता है। बहुत से लोग इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा मानते हैं, खासकर बड़े निर्णय लेते वक्त। यह कोई बाध्यता नहीं है।
सूरत का चौघड़िया अन्य शहरों से अलग क्यों होता है?
क्योंकि चौघड़िया की गणना स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर होती है। सूरत का सूर्योदय दिल्ली या जयपुर से अलग समय पर होता है, इसलिए पूरा चौघड़िया शेड्यूल भी अलग होता है।
राहुकाल में कौन से काम कर सकते हैं?
रोज़मर्रा के सभी काम जैसे खाना-पीना, पढ़ाई, बातचीत, दफ्तर का नियमित काम, ये सब राहुकाल में भी किए जा सकते हैं। पारंपरिक मान्यता में सिर्फ नई शुरुआत से बचने की बात कही जाती है।
अमृत और शुभ चौघड़िया में क्या अंतर है?
दोनों को उपयुक्त माना जाता है, पर अमृत को महत्त्वपूर्ण माना जाता है। शुभ चौघड़िया खासकर धार्मिक और शैक्षणिक कार्यों के लिए उचित माना जाता है, जबकि अमृत लगभग हर शुभ काम के लिए उपयुक्त माना जाता है।
क्या रात के चौघड़िया भी महत्त्वपूर्ण होते हैं?
हाँ, पंचांग में दिन और रात दोनों के 8-8 चौघड़िया होते हैं। जो लोग रात में काम करते हैं या देर शाम कोई काम शुरू करना चाहते हैं, वे रात के चौघड़िया देखते हैं। रात के अमृत और लाभ चौघड़िया को भी उपयुक्त माना जाता है।
ज़रूरी सूचना: यह लेख पारंपरिक भारतीय पंचांग और ज्योतिष मान्यताओं पर आधारित है और केवल सामान्य जानकारी और सांस्कृतिक संदर्भ के लिए प्रस्तुत किया गया है। यहाँ दिए गए समय और जानकारी को किसी पूर्ण निश्चितता के रूप में न लें। अपने महत्वपूर्ण निर्णय किसी योग्य ज्योतिषी या विश्वसनीय पंचांग से स्थानीय पंचांग या विशेषज्ञ से मार्गदर्शन लेना उपयुक्त माना जाता है।
टिप्पणी छोड़ें