Today Choghadiya Kolkata Monday, 8 June 2026 दिन और रात का संपूर्ण चौघड़िया टाइम टेबल

Today Choghadiya Kolkata Monday, 8 June 2026 दिन और रात का संपूर्ण चौघड़िया टाइम टेबल
Table of Contents / विषय सूची

सोमवार, 8 जून 2026 का दिन शुरू हो चुका है।

कोलकाता में सुबह उठते ही बहुत से घरों में एक ही बात होती है।

"आज कौन-सा वक्त ठीक रहेगा?"

कोई दुकान खोलनी है, कोई यात्रा पर निकलना है, कोई नया काम शुरू करना है।

पंचांग देखने की यह आदत बंगाल में बहुत पुरानी है।

यहाँ मैंने कोलकाता के हिसाब से आज के दिन और रात दोनों के चौघड़िया, राहुकाल, गुलिक काल, यमगंड और अभिजीत मुहूर्त एक जगह रखे हैं।

समय ड्रिक पंचांग जैसे भरोसेमंद स्रोत से लिए गए हैं।

शहर के अक्षांश-देशांतर के अनुसार ये समय थोड़े आगे-पीछे हो सकते हैं।

आज का पंचांग संक्षेप कोलकाता, 8 जून 2026

पंचांग विवरण जानकारी
दिनसोमवार
तिथिषष्ठी (शुक्ल पक्ष)
नक्षत्रपुनर्वसु
सूर्योदयप्रातः 05:01 बजे
सूर्यास्तसायं 06:21 बजे
चंद्रोदयप्रातः 10:14 बजे
दिन की अवधि13 घंटे 20 मिनट (लगभग)
पक्षशुक्ल पक्ष

कोलकाता भारत के पूर्वी हिस्से में है।

इसलिए यहाँ सूर्योदय दिल्ली या मुंबई से करीब 30 से 40 मिनट पहले होता है।

चौघड़िया की गणना सीधे सूर्योदय और सूर्यास्त के समय पर निर्भर करती है।

यही कारण है कि हर शहर के लिए अलग-अलग समय देखना जरूरी होता है।

चौघड़िया क्या होता है थोड़ा समझ लीजिए

चौघड़िया शब्द "चार घड़ी" से आया है।

एक घड़ी यानी करीब 24 मिनट। तो चार घड़ी यानी लगभग डेढ़ घंटा।

दिन को 8 भागों में और रात को भी 8 भागों में बाँटा जाता है।

हर भाग का एक नाम होता है, और हर नाम का एक स्वभाव।

  1. अमृत — पारंपरिक रूप से काफी अनुकूल माना जाता है
  2. शुभ — अच्छे कामों के लिए उपयुक्त।
  3. लाभ — व्यापार और कमाई से जुड़े कामों के लिए ठीक माना जाता है।
  4. चर — यात्रा और गतिशील कामों के लिए।
  5. काल — कई लोग इसमें नया काम शुरू करने से बचते हैं।
  6. रोग — इसे भी आमतौर पर टाला जाता है।
  7. उद्वेग — इसमें सावधानी बरतना उचित माना जाता है।

सोमवार को चंद्रमा का दिन कहा जाता है।

इस दिन अमृत चौघड़िया को विशेष रूप से अच्छा माना जाता है।

दिन का चौघड़िया कोलकाता, सोमवार 8 जून 2026

चौघड़िया समय
अमृत 05:01 – 06:41
काल 06:41 – 08:21
शुभ 08:21 – 10:01
रोग 10:01 – 11:41
उद्वेग 11:41 – 13:21
चर 13:21 – 15:01
लाभ 15:01 – 16:41
अमृत 16:41 – 18:21

रात का चौघड़िया

चौघड़िया समय
चर 18:21 – 19:41
रोग 19:41 – 21:01
काल 21:01 – 22:21
लाभ 22:21 – 23:41
उद्वेग 23:41 – 01:01
शुभ 01:01 – 02:21
अमृत 02:21 – 03:41
चर 03:41 – 05:01

दिन का पहला चौघड़िया अमृत है — और यह सोमवार के लिए परंपरागत रूप से अच्छा माना जाता है।

जो लोग सुबह जल्दी काम शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए यह समय उपयुक्त रहता है।

शाम 04:41 से 06:21 के बीच भी अमृत चौघड़िया आता है।

यानी दिन में दो बार यह समय मिलता है।

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल

नीचे दिए गए समय को पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार महत्वपूर्ण कार्यों के लिए कम अनुकूल माना जाता है।

काल समय विवरण
राहुकाल 07:31 – 09:11 कई लोग इस समय नया काम शुरू करने से बचते हैं। यात्रा और व्यापार के लिए आमतौर पर इसे टाला जाता है।
यमगंड 10:51 – 12:31 पारंपरिक मान्यताओं में इसे भी सावधानी का समय माना जाता है। जरूरी काम हों तो दूसरा समय चुनना उचित रहता है।
गुलिक काल 13:51 – 15:31 परंपरागत रूप से नए कार्यों के लिए कम अनुकूल समय माना जाता है।

ये समय पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय अपनी परिस्थितियों और आवश्यकताओं का भी ध्यान रखें।

इसे भी अशुभ समय की श्रेणी में रखा जाता है। हालाँकि हर क्षेत्र में इसकी गणना थोड़ी अलग हो सकती है।

तीनों समय कोलकाता के सूर्योदय के आधार पर गणना किए गए हैं।

सोमवार को राहुकाल सुबह का रहता है — तो सुबह 07:31 से 09:11 के बीच कोई नई शुरुआत करने से पहले एक बार सोच लें।

अभिजीत मुहूर्त आज का

अभिजीत मुहूर्त दोपहर के समय आता है।

कोलकाता में आज यह करीब 11:53 से 12:47 तक रहेगा।

इसे हिंदू पंचांग में पारंपरिक रूप से अनुकूल मुहूर्त माना जाता है।

अलग-अलग परंपराओं में इसकी महत्ता अलग तरह से देखी जाती है।

जरूरी शुरुआत हो और कोई अच्छा चौघड़िया न मिले, तो अभिजीत मुहूर्त कई परंपराओं में उपयोगी माना गया है।

सोमवार को यह मुहूर्त और भी महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह चंद्रमा का दिन है।

सोमवार और चौघड़िया यह संबंध क्यों खास है

सोमवार और चौघड़िया यह संबंध क्यों खास है

सोमवार को हिंदी में "चंद्रवार" भी कहते हैं।

चंद्रमा का संबंध मन, भावनाओं और परिवार से जोड़ा जाता है।

इस दिन अमृत चौघड़िया को अन्य दिनों की तुलना में कुछ अलग माना जाता है।

बहुत से लोग सोमवार को शिव जी की पूजा करते हैं।

और उसके बाद कोई नया काम करने की शुरुआत करते हैं।

यह सिर्फ आस्था का मामला है — लेकिन इसमें एक मनोवैज्ञानिक शांति भी होती है जो काम को बेहतर तरीके से शुरू करने में मदद करती है।

किस काम के लिए कौन-सा चौघड़िया

यह सवाल अक्सर पूछा जाता है।

तो यहाँ एक सीधी सूची है।

  1. नई दुकान या व्यवसाय शुरू करना — अमृत या शुभ चौघड़िया को उपयुक्त माना जाता है।
  2. यात्रा — चर चौघड़िया को यात्रा के लिए अच्छा माना जाता है।
  3. पैसों का लेन-देन या निवेश — लाभ चौघड़िया को प्राथमिकता दी जाती है।
  4. विवाह या मांगलिक काम — शुभ और अमृत दोनों ठीक रहते हैं।
  5. दवाई लेना या डॉक्टर के पास जाना — काल और रोग से बचने की सलाह दी जाती है।
  6. किसी से पहली बार मिलना — अमृत या शुभ समय में मिलना शुभ माना जाता है।

ये सब पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं।

ये मान्यताएँ पारंपरिक और सांस्कृतिक परंपराओं पर आधारित हैं।

कोलकाता में चौघड़िया देखने की परंपरा

कोलकाता एक बड़ा और विविध शहर है।

यहाँ बंगाली परिवारों में शुभ कार्यों से पहले पंजिका देखी जाती है।

पंजिका बंगाली भाषा का पंचांग है — जिसमें तिथि, नक्षत्र और शुभ समय सब मिलते हैं।

उत्तर भारतीय परिवार जो कोलकाता में रहते हैं, वे भी हिंदी पंचांग के हिसाब से चौघड़िया देखते हैं।

दोनों परंपराओं में मूल बात एक ही है।

कई लोग समय नियोजन और सांस्कृतिक परंपराओं के संदर्भ में इन मान्यताओं को देखते हैं

दिन के शुभ मुहूर्त एक नजर में

मुहूर्त / समय का नाम समय
प्रातः अमृत चौघड़िया05:01 – 06:41
शुभ चौघड़िया08:21 – 10:01
अभिजीत मुहूर्त11:53 – 12:47
लाभ चौघड़िया15:01 – 16:41
सायं अमृत चौघड़िया16:41 – 18:21
रात्रि शुभ चौघड़िया01:01 – 02:21
रात्रि अमृत चौघड़िया02:21 – 03:41

यह टेबल उन लोगों के लिए है जो सीधे शुभ समय देखना चाहते हैं।

बाकी विवरण में जाने की जरूरत नहीं है।

एक बात जो अक्सर भूल जाते हैं

चौघड़िया देखकर काम शुरू करना एक अच्छी मानसिकता देता है।

लेकिन केवल चौघड़िया काफी नहीं है।

तैयारी, मेहनत और सही समय — तीनों मिलकर काम करते हैं।

पुराने बड़े-बुजुर्ग कहते थे कि शुभ मुहूर्त मन को तैयार करता है।

काम तो खुद करना पड़ता है।

और यह बात बिल्कुल सही लगती है।

अगर आप सुबह 05:01 पर उठकर दिन की शुरुआत करते हैं — अमृत चौघड़िया में — तो उस अनुशासन का असर पूरे दिन रहेगा।

ड्रिक पंचांग और भरोसेमंद स्रोत

चौघड़िया और पंचांग के लिए Drik Panchang एक भरोसेमंद ऑनलाइन स्रोत है।

वहाँ शहर का नाम डालकर सटीक समय देखा जा सकता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त के लिए timeanddate.com भी उपयोगी है।

इन स्रोतों का उपयोग करने से गलत जानकारी की संभावना काफी कम हो जाती है।

FAQ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या सोमवार को सभी काम के लिए अमृत चौघड़िया ही सबसे अच्छा है?

पारंपरिक मान्यताओं में सोमवार को अमृत और शुभ चौघड़िया उपयुक्त माने जाते हैं। यात्रा के लिए चर और व्यापार के लिए लाभ भी काफी ठीक माना जाता है।

कोलकाता के चौघड़िया दिल्ली से क्यों अलग होते हैं?

क्योंकि कोलकाता पूर्व में है, यहाँ सूर्योदय पहले होता है। चौघड़िया की गणना सूर्योदय से होती है, इसलिए हर शहर के समय अलग होते हैं।

राहुकाल में क्या बिल्कुल काम नहीं करना चाहिए?

राहुकाल में नई शुरुआत से बचने की परंपरा है। पुराने चले आ रहे काम, दैनिक दिनचर्या और जरूरी काम इस दौरान किए जा सकते हैं।

अभिजीत मुहूर्त हर दिन होता है क्या?

हाँ, लेकिन बुधवार को छोड़कर। बुधवार को यह मुहूर्त नहीं माना जाता। बाकी सभी दिनों में दोपहर के समय यह मुहूर्त आता है।

क्या रात के चौघड़िया दिन के जितने ही असरदार होते हैं?

पंचांग की दृष्टि से रात के चौघड़िया भी उतने ही मान्य हैं। जो लोग रात को व्यापार या यात्रा करते हैं, वे रात का चौघड़िया देखते हैं।

अस्वीकरण: यह लेख पारंपरिक पंचांग मान्यताओं और सांस्कृतिक जानकारी पर आधारित है। इसे केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय के लिए विशेषज्ञ से परामर्श लेना उचित रहेगा।

यह लेख साझें

Shiv Kumar Pandit

Shiv Kumar Pandit

सत्यापित
admin

मैं, शिव कुमार पंडित, इस प्लेटफ़ॉर्म का Co-Founder और वरिष्ठ कंटेंट रिसर्चर हूं। मुझे भारतीय संस्कृति, शुभ मुहूर्त, चोघड़िया, पंचांग और पारंपरिक ज्ञान से जुड़े विषयों पर रिसर्च करना और सरल भाषा में जानकारी साझा करना पसंद है, ताकि हर पाठक आसानी से सही जानकारी समझ सके।

टिप्पणी छोड़ें