Divas Na Choghadiya Today Sunday, 7 June 2026 आज का शुभ चौघड़िया, राहुकाल और मुहूर्त समय

Divas Na Choghadiya Today Sunday, 7 June 2026 आज का शुभ चौघड़िया, राहुकाल और मुहूर्त समय
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Divas Na Choghadiya Today Sunday, 7 June 2026 का दिन है।

सुबह उठते ही कई लोगों के मन में यही सवाल होता है कि आज कौन-सा वक्त ठीक रहेगा।

दुकान खोलनी हो, कहीं जाना हो, या कोई जरूरी काम शुरू करना हो, पहले समय देखने की आदत पुरानी है।

गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और देश के बाकी हिस्सों में चौघड़िया पंचांग का हिस्सा रहा है।

यहाँ आज के दिन और रात दोनों के चौघड़िया, राहुकाल, गुलिक काल, यमगंड और अभिजीत मुहूर्त एक ही जगह रखे हैं।

साथ में यह भी बताया है कि इनका मतलब क्या होता है और इन्हें रोज़मर्रा में कैसे काम में लिया जा सकता है।

एक बात पहले ही साफ कर दूँ। ये समय पंचांग की पारंपरिक गणना पर आधारित हैं।

शहर और स्थान के हिसाब से थोड़े आगे-पीछे हो सकते हैं। अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।

आज का सूर्योदय और सूर्यास्त

रविवार का दिन सूर्य देव का माना जाता है।

पंचांग गणना के अनुसार 7 जून 2026 को उत्तर भारत में सूर्योदय लगभग प्रातः 5 बजकर 23 मिनट पर होगा।

सूर्यास्त शाम लगभग 7 बजकर 17 मिनट के आसपास माना जाता है।

गुजरात क्षेत्र में यह समय करीब 1 से 2 मिनट अलग हो सकता है।

चौघड़िया की गणना सूर्योदय से शुरू होती है, इसलिए यह समय पूरे दिन के मुहूर्त का आधार बनता है।

चौघड़िया क्या होता है?

चौघड़िया एक पुरानी पंचांग पद्धति है।

दिन के कुल समय को 8 भागों में बाँटा जाता है। हर भाग को एक चौघड़िया कहते हैं।

रात के समय को भी अलग से 8 भागों में बाँटा जाता है।

हर चौघड़िया किसी ग्रह से जुड़ा होता है और उसका अपना स्वभाव माना जाता है।

कुछ चौघड़िया शुभ काम के लिए अच्छे माने जाते हैं, कुछ सामान्य हैं, और कुछ से बचने की परंपरा है।

चौघड़िया के प्रकार और उनका सामान्य अर्थ

चौघड़िया के प्रकार और उनका सामान्य अर्थ

पंचांग में कुल 7 तरह के चौघड़िया होते हैं।

अमृत को पारंपरिक रूप से काफी अनुकूल माना जाता है। चंद्रमा से जुड़ा। यात्रा, व्यापार, नए काम सभी के लिए उचित।

शुभ - बृहस्पति से जुड़ा। विवाह, पूजा और शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त माना जाता है।

लाभ - बुध से जुड़ा। व्यापार शुरू करने और पैसों से जुड़े कामों के लिए काफी अच्छा माना जाता है।

चर - शुक्र से जुड़ा। यात्रा के लिए ठीक माना जाता है।

काल - शनि से जुड़ा। इसे आमतौर पर शुभ कामों के लिए टाला जाता है।

रोग - मंगल से जुड़ा। इस समय शुरुआत करना पारंपरिक रूप से ठीक नहीं माना जाता।

उद्वेग - सूर्य से जुड़ा। सरकारी काम के लिए कभी-कभी उपयोगी, बाकी कामों में नहीं।

आज रविवार 7 जून 2026 का दिन चौघड़िया

रविवार को सूर्य का दिन माना जाता है।

दिन का पहला चौघड़िया उद्वेग से शुरू होता है क्योंकि रविवार का स्वामी सूर्य है।

नीचे दिन के पूरे 8 चौघड़िया दिए हैं।

दिन चौघड़िया (पूर्वार्ध)

चौघड़ियासमय
उद्वेग05:23 – 07:05
चर07:05 – 08:47
लाभ08:47 – 10:29
अमृत10:29 – 12:11

दिन चौघड़िया (उत्तरार्ध)

चौघड़ियासमय
काल12:11 – 13:53
शुभ13:53 – 15:35
रोग15:35 – 17:17
उद्वेग17:17 – 19:17

आज रविवार 7 जून 2026 का रात चौघड़िया

दिन ढलने के बाद भी कई लोग रात के चौघड़िया देखते हैं।

रात का चौघड़िया उन लोगों के लिए काम आता है जो शाम या रात में कोई काम शुरू करते हैं।

रात के 8 चौघड़िया नीचे दिए हैं।

रात चौघड़िया (पूर्वार्ध)

चौघड़ियासमय
शुभ19:17 – 20:47
अमृत20:47 – 22:17
चर22:17 – 23:47
रोग23:47 – 01:17

रात चौघड़िया (उत्तरार्ध)

चौघड़ियासमय
काल01:17 – 02:47
लाभ02:47 – 04:17
उद्वेग04:17 – 05:23
शुभ05:23 – 06:00

आज का राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल तीनों को पंचांग में अशुभ अवधि माना जाता है।

ज्यादातर लोग इन समयों में कोई नया काम या यात्रा शुरू करने से बचते हैं।

रविवार को राहुकाल आमतौर पर दोपहर के बाद आता है।

नीचे तीनों का समय दिया है।

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल | 7 जून 2026

अशुभ काल समय

काल का नामसमय
राहुकाल16:30 – 18:00
यमगंड12:00 – 13:30
गुलिक काल15:00 – 16:30

अभिजीत मुहूर्त

मुहूर्तसमय
अभिजीत मुहूर्त11:50 – 12:44
सूर्योदय05:23 AM
सूर्यास्त07:17 PM

राहुकाल का मतलब क्या होता है?

राहुकाल हर दिन अलग-अलग समय पर आता है।

पारंपरिक मान्यता के अनुसार इस समय में नए काम, यात्रा, खरीद-बिक्री या शुरुआत करना ठीक नहीं माना जाता।

रविवार को राहुकाल शाम के वक्त पड़ता है, यानी दिन का ज्यादातर हिस्सा खुला रहता है।

राहुकाल में पहले से चल रहे काम जारी रखे जा सकते हैं। बस नई शुरुआत से लोग बचते हैं।

यमगंड और गुलिक काल का संक्षिप्त परिचय

यमगंड को मृत्यु के देवता यम से जोड़ा जाता है।

पंचांग में इसे भी अशुभ माना जाता है। कई लोग इसमें महत्वपूर्ण फैसले टालते हैं।

गुलिक काल शनि के पुत्र मंदी से जुड़ा माना जाता है।

इन तीनों में कोई जबरदस्ती नहीं है। यह पूरी तरह व्यक्तिगत आस्था और परंपरा पर निर्भर है।

अभिजीत मुहूर्त क्यों खास माना जाता है?

अभिजीत मुहूर्त दोपहर के वक्त आता है।

यह हर दिन लगभग 48 मिनट का होता है।

पारंपरिक मान्यता में इसे बहुत शुभ माना जाता है क्योंकि सूर्य इस वक्त सबसे ऊँचाई पर होता है।

आज 7 जून 2026 को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 50 मिनट से दोपहर 12 बजकर 44 मिनट तक माना जाता है।

अगर अमृत या शुभ चौघड़िया नहीं मिल रहा, तो कई लोग अभिजीत मुहूर्त को विकल्प के रूप में काम लेते हैं।

रविवार के दिन कौन-से काम शुरू किए जा सकते हैं?

रविवार सूर्य देव का दिन माना जाता है।

. सरकारी काम और आवेदन के लिए इस दिन को कई लोग ठीक मानते हैं।

. पिता से जुड़े मामले, स्वास्थ्य जांच,और आत्मविश्वास बढ़ाने वाले काम।

. व्यापार में नई साझेदारी और कागज़ी काम।

. लाभ और अमृत चौघड़िया में यात्रा शुरू करना।

. शुभ और अमृत चौघड़िया में घर की खरीदारी या बड़े फैसले।

रोग, काल और उद्वेग चौघड़िया में शुभ काम टालने की परंपरा है।

आज के शुभ मुहूर्त की सरल सूची

आज 7 जून 2026 को पारंपरिक रूप से अधिक अनुकूल माने जाने वाले समय ये हैं।

  1. अमृत चौघड़िया - सुबह 10:29 से दोपहर 12:11 तक।
  2. अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 11:50 से 12:44 तक।
  3. शुभ चौघड़िया (दिन) - दोपहर 1:53 से 3:35 तक।
  4. शुभ चौघड़िया (रात) - शाम 7:17 से रात 8:47 तक।
  5. अमृत चौघड़िया (रात) - रात 8:47 से 10:17 तक।
  6. लाभ चौघड़िया (रात) - देर रात 2:47 से भोर 4:17 तक।

चौघड़िया कैसे देखें, एक सरल तरीका

पहले तय करें कि काम कब करना है, दिन में या रात में।

फिर उस वक्त का चौघड़िया नाम देखें।

अगर अमृत, शुभ या लाभ है तो आमतौर पर शुभ माना जाता है।

चर को यात्रा के लिए ठीक माना जाता है।

उद्वेग, रोग और काल में नई शुरुआत पारंपरिक रूप से टाली जाती है।

साथ में यह भी देख लें कि राहुकाल तो नहीं है।

बस इतना ही। ज्यादा उलझन की जरूज़रूरतहीं है।

पंचांग की विश्वसनीय वेबसाइट कहाँ देखें?

अगर आप शहर के हिसाब से सटीक समय चाहते हैं तो Drik Panchang एक भरोसेमंद स्रोत है।

यहाँ आप अपना शहर चुनकर सटीक चौघड़िया, राहुकाल और मुहूर्त देख सकते हैं।

timeanddate.com पर सूर्योदय और सूर्यास्त का सटीक समय शहरवार मिलता है।

पंचांग के बारे में एक जरूरी बात

चौघड़िया की गणना स्थान और सूर्योदय के समय पर निर्भर करती है।

दिल्ली, अहमदाबाद, मुंबई और चेन्नई के समय में थोड़ा अंतर होता है।

यहाँ दिए गए समय उत्तर भारत के औसत सूर्योदय पर आधारित हैं।

सटीक समय के लिए स्थानीय पंचांग या ऊपर दी गई वेबसाइट का उपयोग करें।

7 जून 2026 | आज का पूरा मुहूर्त सारांश

मुख्य जानकारी

विवरणसमय / जानकारी
दिनरविवार
तिथि7 जून 2026
सूर्योदय05:23 AM
सूर्यास्त07:17 PM
सबसे शुभ समय10:29 – 12:11
अभिजीत मुहूर्त11:50 – 12:44
राहुकाल16:30 – 18:00

शुभ चौघड़िया एक नजर में

चौघड़ियासमय
लाभ (दिन)08:47 – 10:29
अमृत (दिन)10:29 – 12:11
शुभ (दिन)13:53 – 15:35
शुभ (रात)19:17 – 20:47
अमृत (रात)20:47 – 22:17

चौघड़िया को लेकर कुछ व्यावहारिक बातें

चौघड़िया एक सांस्कृतिक और पारंपरिक व्यवस्था है।

इसे मानना या न मानना पूरी तरह आपकी आस्था और इच्छा पर निर्भर है।

कुछ लोग इसे रोज देखते हैं, कुछ केवल बड़े कामों के वक्त।

जरूरी कार्यों के संबंध में अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में अलग-अलग पारंपरिक मान्यताएँ प्रचलित हैं।

परंपरा जीवन को एक लय देती है। लेकिन हर बात में समझदारी भी जरूरी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

रविवार को सबसे शुभ चौघड़िया कौन-सा होता है?

रविवार को अमृत और शुभ चौघड़िया को काफी अच्छा माना जाता है। आज अमृत चौघड़िया सुबह 10:29 से दोपहर 12:11 तक है। इस वक्त नए काम शुरू करना पारंपरिक रूप से उचित माना जाता है।

राहुकाल में क्या नहीं करना चाहिए?

पारंपरिक मान्यता के अनुसार राहुकाल में नई यात्रा, नया व्यापार, या कोई बड़ा फैसला शुरू न करना बेहतर माना जाता है। पहले से चल रहे काम जारी रखे जा सकते हैं। आज राहुकाल शाम 4:30 से 6:00 बजे तक है।

अभिजीत मुहूर्त हर दिन होता है क्या?

अभिजीत मुहूर्त लगभग हर दिन होता है। यह दोपहर के मध्य में आता है और करीब 48 मिनट का होता है। बुधवार को यह मुहूर्त कभी-कभी नहीं होता, बाकी दिन आमतौर पर होता है।

चौघड़िया का समय हर शहर में एक जैसा होता है?

नहीं। चौघड़िया सूर्योदय के समय पर आधारित होता है जो हर शहर में अलग होता है। दिल्ली और मुंबई के समय में थोड़ा फर्क होता है। सटीक समय के लिए स्थानीय पंचांग देखना ठीक रहता है।

क्या गुलिक काल और यमगंड राहुकाल जितने ही अशुभ होते हैं?

पंचांग में इन समयों को पारंपरिक रूप से सावधानी बरतने योग्य माना जाता है। राहुकाल को सबसे ज्यादा माना जाता है। यमगंड और गुलिक काल भी कई लोग टालते हैं। हालाँकि यह पूरी तरह व्यक्तिगत आस्था की बात है।

अस्वीकरण: यह लेख पारंपरिक पंचांग मान्यताओं और सांस्कृतिक परंपराओं पर आधारित है। यहाँ दी गई जानकारी केवल सामान्य शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। शहरवार सटीक समय के लिए स्थानीय पंचांग या विश्वसनीय स्रोत देखें। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय के लिए केवल इस जानकारी पर निर्भर न रहें।

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Shiv Kumar Pandit

Shiv Kumar Pandit

सत्यापित
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मैं, शिव कुमार पंडित, इस प्लेटफ़ॉर्म का Co-Founder और वरिष्ठ कंटेंट रिसर्चर हूं। मुझे भारतीय संस्कृति, शुभ मुहूर्त, चोघड़िया, पंचांग और पारंपरिक ज्ञान से जुड़े विषयों पर रिसर्च करना और सरल भाषा में जानकारी साझा करना पसंद है, ताकि हर पाठक आसानी से सही जानकारी समझ सके।

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